खेल प्रतिभाओं को मिले पंख, युवाओं को मिला मंच

निंबाहेड़ा, रैगर समाज की युवा शक्ति, खेल प्रतिभा और सामाजिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए रैगर समाज प्रतिभा विकास संस्थान, ब्लाक निंबाहेड़ा के तत्वावधान में आयोजित प्रथम युवा प्रकोष्ठ क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य समापन मंगलवार सांय ग्राम पंचायत बाडी स्थित खेल मैदान में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। चार दिवसीय इस प्रतियोगिता ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया, बल्कि समाज में खेल भावना और भाईचारे का सशक्त संदेश भी दिया।
यह प्रतियोगिता दिनांक 04 अप्रैल से 07 अप्रैल तक आयोजित इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की विभिन्न टीमों ने भाग लेकर शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा और मैदान खेल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।
आंजना ने खेल को बताया सामाजिक एकता का माध्यम
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान आंजना ने खेल मैदान पर पहुंचकर फाइनल मुकाबले में भाग ले रही दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा क्रिकेट की बैटिंग कर फाइनल मैच का विधिवत शुभारंभ भी किया, जिससे खिलाड़ियों एवं दर्शकों में विशेष उत्साह का वातावरण बन गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष कैलाश चंद्र आर्य ने की। उन्होंने आयोजन की सफलता पर सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता रैगर समाज के युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
प्रतियोगिता के संयोजक कैलाश आर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में 1008 मेहंदीपुर बालाजी आश्रम,नगरी महाराज शंभुलाल रैगर,निंबाहेड़ा क्रय-विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष गोपाल आंजना, चित्तौड़गढ़ जिला फुटबॉल संघ कोषाध्यक्ष मनोज पारख, विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जसवंत सिंह आंजना, ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष बापूलाल जाट, ग्राम पंचायत बाडी उप सरपंच कैलाश चंद्र आंजना,मध्यप्रदेश प्रांतीय रैगर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल चंगेरीवाल, प्रशासक गुड्डाखेड़ा शांतिलाल रैगर, सहकारी समिति अध्यक्ष गुड्डाखेड़ा चरण सिंह जाट, शनिदेव मंदिर कमेटी बाडी अध्यक्ष भंवरलाल सुथार,भदवा माता सकल चौकी रैगर पंचायत अध्यक्ष कारूलाल बकोलिया, पूर्व अध्यक्ष सूरजमल बकोलिया, राजमल दूरियां, परमानंद उज्जैनियां एवं ग्राम पंचायत बाडी के प्रशासक गोपाल रैगर बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। तथा इस अवसर पर सत्यनारायण जाट, राधेश्याम तेली, फतेहलाल कुमावत, शिव नारायण जाट, विजय कुमावत, शांतिलाल तेली, अशोक तेली, दिनेश मेघवाल, मुकेश खटीक, विक्रम आंजना सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
रोमांचक मुकाबले में सांवलियाजी क्लब विजेता
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला अत्यंत रोमांचक रहा, जिसमें सांवलियाजी क्लब घटीयावली ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि चिताखेड़ा टीम उपविजेता रही। विजेता एवं उपविजेता टीमों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
खेल भावना और उत्साह का अद्भुत संगम
पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का बेहतरीन परिचय दिया। प्रतियोगिता ने युवाओं में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत किया।
गरिमामयी स्वागत एवं सफल संचालन
कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों का स्वागत मोतियों की माला एवं उपर्णा ओढ़ाकर किया गया। मंच संचालन विजेश रैगर द्वारा प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित रूप से किया गया।
इस अवसर पर मोतीलाल रैगर, कारूलाल रैगर, रतनलाल रैगर, देवीलाल रैगर, छगनलाल रैगर, नारायणलाल रैगर, राजू रैगर, श्यामलाल रैगर, घनश्याम रैगर, डालचंद रैगर, पारस रैगर, जसपाल रैगर, प्रेमचंद रैगर, रवि रैगर, विजय रैगर, जगदीश रैगर, किशन जैनवार, मदनलाल रैगर, गोपाल रैगर, संजय रैगर, उदयलाल रैगर, चेतन रैगर, अनिल रैगर, रमेश रैगर, रामचंद्र रैगर एवं बापूलाल रैगर सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
समाज में खेल संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
यह आयोजन रैगर समाज में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ। प्रतियोगिता ने यह सिद्ध किया कि संगठित प्रयासों से समाज में प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ एकता और भाईचारे को भी सुदृढ़ किया जा सकता है।
