खुले में कचरा डालने पर सख्त कार्रवाई 20 हजार का चालान, स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को लेकर प्रशासन सख्त

चित्तौड़गढ़ । स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारियों के तहत नगर परिषद प्रशासन ने खुले में कचरा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 14 जनवरी की रात्रि 10 बजे नगर परिषद के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक एवं जमादार द्वारा शहर के मुख्य बाजार का निरीक्षण किया गया, जहां दुकानदारों द्वारा खुले में कचरा डालने के मामलों के जीपीएस फोटो लिए गए।
प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर प्रशासक एवं नगर परिषद आयुक्त के निर्देशानुसार बुधवार को विशेष कार्रवाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सहायक अभियंता सतीश, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक सूरज घावरी, जमादार आशीष लोट, रतन कोदली, सोनू राठौड़ एवं अतिक्रमण दस्ता टीम ने पावटा चौक से गोल प्याऊ–सुभाष चौक क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में दुकानदारों द्वारा खुले में कचरा डाले जाने की पुष्टि होने पर नगर नियमों के तहत तत्काल चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹20,000 (बीस हजार रुपये) का चालान वसूला गया।
इसके साथ ही प्रशासक रामचंद्र खटीक एवं आयुक्त के मार्गदर्शन में नगर परिषद की टीम ने 15 जनवरी 2026 को शहर के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानदारों, रेहड़ी एवं फल-सब्जी विक्रेताओं को गीले कचरे के लिए हरे तथा सूखे कचरे के लिए नीले डस्टबिन के उपयोग, कचरा खुले में नहीं फेंकने एवं अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर जूट एवं कपड़े के थैलों जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की समझाइश भी दी गई।
प्रशासक एवं नगर परिषद आयुक्त ने आमजन और व्यापारियों से स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में चित्तौड़गढ़ को बेहतर रैंक दिलाने हेतु सहयोग करने की अपील की है।
