69वीं राष्ट्रीय विद्यालय स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता का आगाज

चित्तौड़गढ़। राजस्थान की शौर्य, संस्कृति और बलिदान की प्रतीक ऐतिहासिक धरती चित्तौड़गढ़ में एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संदेश के साथ 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (अंडर-14) का भव्य शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्तर के उद्घाटन समारोह में खेल, संस्कृति और राष्ट्रभाव के अद्भुत संगम देखने को मिला। आगामी 10 जनवरी तक आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 65 टीमों के 1050 खिलाडी भाग ले रहे है। उद्घाटन समारोह की शुरुआत अनुशासनबद्ध मार्चपास्ट से हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने सधे हुए कदमों के साथ अतिथियों को सलामी दी। इस गरिमामय अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने खिलाडियों को शपथ दिलाई जबकि जबकि अध्यक्षता कर रहे जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने प्रतियोगिता के की उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की।
मुख्य अतिथि पद से संबांधित करते हुए विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि खिलाड़ी होना अपने आप में भविष्य की सफलता की ओर पहला कदम है। चाहे कोई भी क्षेत्र हो, यदि आगे बढ़ने की ललक और अनुशासन हो तो सफलता निश्चित है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि विजेता को विनम्र रहकर आगे की तैयारी करनी चाहिए और जो सफल नहीं हुए हैं, वे आत्ममंथन कर भविष्य में बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लें। प्रतियोगिता का वास्तविक उद्देश्य जीत-हार से ऊपर उठकर खेल भावना और अनुशासन को अपनाना है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने सभी खिलाड़ियों का चित्तौड़गढ़ की वीर भूमि पर हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति और विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण है। चित्तौड़गढ़ ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है और इस धरती से निकलने वाली प्रतिभाएँ निश्चित रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए प्रतियोगिता का प्रतिवेदन रखा और आयोजन की रूपरेखा से अतिथियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के फील्ड ऑफिसर एवं प्रतियोगिता के ऑब्जर्वर लियाक खान, शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेशाध्यक्ष रमेश पुष्करणा, एसीईओ राकेश पुरोहित, यूआईटी सचिव कैलाश गुर्जर, निदेशालय बीकानेर प्रतिनिधि पुष्पा चौधरी, डीईओ प्रारंभिक राजेंद्र कुमार शर्मा, पूर्व सभापति सुशील शर्मा, यूआईटी के पूर्व चेयरमैन सुरेश झंवर, रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह रुद, सागर सोनी, शैलेंद्र झंवर, पीनू मेनारिया, ओमप्रकाश शर्मा, मनोज पारीक, यूआईटी की मीनाक्षी वाधवानी, सतीश दशोरा, शंभूलाल सोमानी, शा.शि.जगदीश खटीक सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। आयोजक विद्यालय राउप्रावि पारोली की संस्था प्रधान रीना शर्मा ,शारीरिक शिक्षक कानसिंह राठौड़ तथा पीईईओ रेखा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शा.शि. पारसमल टेलर, चंद्रकांत शर्मा एवं सूर्यप्रकाश गर्ग ने संयुक्त रूप से किया।
राजस्थानी संस्कृति का जीवंत रूप
उद्घाटन समारोह में शारीरिक शिक्षक रेखा चौधरी के संयोजन में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने राजस्थान के लोक जीवन को जीवंत कर दिया। राउमावि बालिका शहर की छात्राओं की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। “म्हारो प्यारो राजस्थान”, “केसरिया बालम पधारो म्हारे देश”, “रंगीलो म्हार ढोलड़ा” जैसे गीतों पर खिलाड़ी और दर्शक झूमते नजर आए। रेनबो विद्यालय की नन्ही बालिकाओं की प्रस्तुतियाँ भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कच्छी घोड़ी, रमसा पीर, शहनाई वादन जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों ने राजस्थान की सांस्कृतिक छटा को मंच पर बिखेर दिया।
ध्वजारोहण व स्मारिका विमोचन
प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन प्रतियोगिता ध्वज फहराकर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, जिला कलेक्टर आलोक रंजन एवं आयोजक समिति के सदस्यों द्वारा किया गया। अतिथियों ने विभिन्न राज्यों से आई टीमों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय आयोजन के उपलक्ष्य में प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा आयोजन के सूत्रधार रहे पारोली विद्यालय के शारीरिक शिक्षक कानसिंह राठौड़, सांवता के शा.शि. जवानसिंह चुंडावत एवं सूर्यप्रकाश गर्ग का पारंपरिक रूप से पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतियोगिता आगामी दिनों में रोमांचक मुकाबलों के साथ युवा खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी।
