कल्याण चौक में रामनाम के स्वर, संगीतमय सुंदरकांड पाठ से भक्ति रस

कल्याण चौक में रामनाम के स्वर, संगीतमय सुंदरकांड पाठ से भक्ति रस
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निंबाहेड़ा |श्री कल्लाजी वेदपीठ मंदिर मंडल न्यास के तत्वावधान में पौष शुक्ल त्रयोदशी गुरुवार की संध्या वेला में कल्याण चौक पर संगीतमय सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में कल्याण चौक भक्ति रस से सराबोर हो गया, सायं 7 बजे वैदिक विधि विधान से पूजा अर्चना के पश्चात संगीतमय पाठ का शुभारंभ किया गया जो श्री सांवरिया सत्संग मंडल के सानिध्य में संपन्न हुआ। मुख्य पाठकर्ता पंडित प्रहलाद कृष्ण एवं सहायक पाठक पंडित देवकिशन ने सुंदरकांड का सस्वर, भावपूर्ण पाठ किया। संगीत संगत में भरत कुमार शर्मा, पुष्कर वैष्णव, राजाराम गंधर्व एवं गोपाल शर्मा की मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पाठ के दौरान कल्लाजी वेगा आजो, मोरे संकट काटो हनुमान, मेरे बस सिया राम जैसे भावनात्मक भजनों से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पंडित प्रहलाद कृष्ण ने सुंदरकांड के दोहों का पाठ करते हुए उनका हिंदी में भावार्थ समझाया। उन्होंने कहा राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम भावार्थ हनुमान जी कहते हैं कि जब तक प्रभु राम का कार्य पूर्ण न हो जाए, तब तक उन्हें विश्राम स्वीकार नहीं यह कर्म, सेवा और समर्पण का सर्वोच्च संदेश है। विशेष दोहों का संस्कृत के साथ सरल हिंदी में भावार्थ प्रस्तुत कर उनकी आध्यात्मिक महत्ता समझाई। आयोजन के अवसर पर संपूर्ण कल्याण चौक परिसर में विद्युत साज सज्जा और सतरंगी पुष्पों से सुसज्जित रहा यहां चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान जयमल जी एवं कल्लाजी की प्रतिमा का मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। पाठ के पश्चात सभी ने एक साथ संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ किया। तत्पश्चात रामायण एवं हनुमान जी की आरती हुई तथा प्रभु श्री राम दरबार व ठाकुर श्री कल्लाजी की तस्वीरों की विधिवत पूजा कर भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी गई। कल्याण चौक पर प्रथम बार आयोजित संगीतमय सुंदरकांड पाठ रहा, जिसमें बड़ी संख्या में कल्याण भक्त, वीर, वीरांगनाएं, वेदपीठ के न्यासी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन ने न केवल परिसर बल्कि समूची कल्याण नगरी को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

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