सांवलियाजी मंदिर भंडार गणना का तीसरा चरण पूरा, अब तक 22 करोड़ 22 लाख से अधिक की दान राशि

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी को खोले गए भंडार से प्राप्त दान राशि की गणना का तीसरा चरण मंगलवार को पूर्ण हुआ। तीसरे चरण की गिनती के बाद इस माह अब तक मंदिर को कुल 22 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की दान राशि प्राप्त हो चुकी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार अभी बड़ी मात्रा में नोट, चिल्लर, सोने चांदी के आभूषणों का तौल और ऑनलाइन दान की गणना शेष है, जिससे अंतिम आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है।
मंगलवार सुबह राजभोग आरती के दौरान भंडार गणना की प्रक्रिया शुरू की गई। यह कार्य मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की उपस्थिति में संपन्न हुआ। तीसरे चरण में 6 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये की गिनती की गई, जबकि इससे पहले दो चरणों में 15 करोड़ 79 लाख 25 हजार रुपये की गणना की जा चुकी थी।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि दान राशि की गिनती पूरी पारदर्शिता और तय नियमों के अनुसार की जा रही है, ताकि हर राशि का स्पष्ट और सही विवरण दर्ज हो सके। इस दौरान मंदिर मंडल सदस्य पवन तिवारी, किशन लाल अहीर, हरिराम गाडरी, रामलाल गुर्जर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय राजेंद्र सिंह की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी हुई।
भंडार गणना के समय मंदिर एवं संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी, सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह, वरिष्ठ निरीक्षक कालूलाल तेली, गोशाला प्रभारी गंगाराम गुर्जर, स्टोर प्रभारी मनोहर लाल शर्मा सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी में दान राशि की गिनती की गई।
इधर मंगलवार को मंदिर में भगवान श्री सांवलियाजी का विशेष और मनोहारी श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। ओसरा पुजारी चुन्नी दास और मुकेश वैष्णव द्वारा भगवान की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान करवाया गया। इसके बाद केसर चंदन का तिलक लगाया गया और गुलाब की सुंदर माला धारण कराई गई।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि शेष दान राशि की गणना बुधवार 21 जनवरी को चौथे चरण में की जाएगी। अभी चिल्लर, नोट, आभूषणों का तौल और ऑनलाइन दान का पूरा विवरण जोड़ा जाना बाकी है, जिससे कुल दान राशि में और वृद्धि होना तय माना जा रहा है।
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