वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से बदली खेती की दिशा, कैलाश देवी बनीं जैविक खेती की प्रेरणा

चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसी क्रम में पंचायत समिति राशमी की ग्राम पंचायत बावलास की कृषक कैलाश देवी पत्नी नानू दास ने वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित कर अपनी खेती को नई दिशा दी है।
कैलाश देवी के पास लगभग 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वे पिछले कई वर्षों से खेती कर रही हैं, लेकिन विगत कुछ समय से फसलों का उत्पादन अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहा था। खेत की मिट्टी की उर्वरता लगातार घटती जा रही थी, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही थी और आय प्रभावित हो रही थी।
समस्या के समाधान हेतु उन्होंने कृषि पर्यवेक्षक नारायण प्रकाश सोमानी से संपर्क किया। कृषि विभाग द्वारा उन्हें वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित करने की सलाह दी गई तथा राज किसान साथी पोर्टल पर आवेदन करवाया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्होंने लगभग एक लाख रुपये की लागत से वर्मी कम्पोस्ट यूनिट का निर्माण कराया। इस पर कृषि विभाग की ओर से 50 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।
वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित होने के बाद अब वे अपनी आवश्यकता के अनुसार जैविक खाद तैयार कर अपने खेतों में उपयोग कर रही हैं। इसके परिणामस्वरूप मिट्टी की उर्वरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हुई है। उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ लागत में कमी आई है, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है।
इसके अतिरिक्त वे अतिरिक्त वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में वे आसपास के किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं और अपने अनुभव साझा कर रही हैं।
कैलाश देवी ने कृषि विभाग एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम उत्थान शिविर और विभागीय मार्गदर्शन से उन्हें नई तकनीक अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी खेती लाभकारी बनी है। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि वैज्ञानिक पद्धतियों एवं सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
