बाल विवाह निषेध हेतु हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा : सांसद जोशी

चित्तौड़गढ़। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। तभी इस सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है। यह विचार सांसद सी.पी. जोशी ने गुरुवार को श्री सांवलिया सेठ मंदिर परिसर में बाल अधिकारिता विभाग एवं जाजम इंटरनेशनल परिवार द्वारा तैयार किए गए बाल विवाह निषेध जागरूकता पोस्टरों के विमोचन अवसर पर व्यक्त किए।
सांसद जोशी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति में बाल विवाह की कोई परंपरा नहीं रही है, किंतु ऐतिहासिक परिस्थितियों में बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए यह प्रथा आरंभ हुई। आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। वर्तमान में बेटियों के विकास हेतु शिक्षा एवं समान अवसर उपलब्ध हैं, इसलिए उन्हें उच्च शिक्षा दिलाकर वयस्क होने पर ही विवाह किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए हम सभी ने श्री सांवलिया सेठ भगवान को साक्षी मानकर संकल्प लिया है, जिसे हमें पूरी निष्ठा के साथ निभाना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ समाज और देश की प्रगति में भी बाधक है। श्री सांवलिया जी मंदिर मण्डल के अध्यक्ष जानकी दास वैष्णव ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। रतन गाडरी ने कहा कि जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बाल विवाह निषेध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह, मिठ्ठूलाल जाट, आर.के. आमेरिया, अशोक अजमेरा, लोकेश सोनी, चाइल्ड हेल्पलाइन से नानूराम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
