पंचायत चुनाव के लिए मतपत्रों के रंग तय; जिला परिषद के लिए पीला और पंचायत समिति के लिए होगा नीला मतपत्र

भीलवाड़ा | राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को पारदर्शी और त्रुटिरहित संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार मतदाता भ्रमित न हों, इसके लिए अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग रंगों के मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रंगों से होगी पहचान: किस पद के लिए कौन-सा रंग?
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा के अनुसार, ईवीएम (EVM) पर लगने वाले मतपत्रों के रंग इस प्रकार होंगे:
जिला परिषद सदस्य: पीला रंग
पंचायत समिति सदस्य: नीला रंग
सरपंच पद: सफेद रंग
पंच पद: गुलाबी रंग
हिंदी वर्णमाला के अनुसार छपेंगे नाम
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम हिंदी वर्णमाला (Alphabetical order) के क्रम में छापे जाएंगे। इसमें सबसे पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और उसके बाद निर्दलीय प्रत्याशियों के नाम होंगे। अंत में 'नोटा' (NOTA) का विकल्प अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी: लापरवाही पर होगी कार्रवाई
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मतपत्रों की छपाई में किसी भी स्तर पर हुई गलती के लिए संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।
छपाई की समय सीमा: चुनाव चिह्न आवंटन के मात्र 3 दिन के भीतर छपाई कार्य पूरा करना होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: प्रिंटिंग प्रेस से लेकर जिला कोषागार (Treasury) तक मतपत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच लाया जाएगा।
अतिरिक्त मतपत्र: प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त मतपत्र सुरक्षित रखे जाएंगे।
दलगत आधार पर होंगे चुनाव
गौरतलब है कि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव दलगत आधार पर होते हैं, इसलिए इनके मतपत्रों पर राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न भी अंकित होंगे। वहीं, सरपंच और पंच के चुनाव गैर-दलगत आधार पर संपन्न कराए जाएंगे।
रिपोर्ट: प्रेम कुमार गढवाल (भीलवाड़ा हलचल)
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