अजमेर में ट्रेन पलटाने की साजिश: रेलवे ट्रैक पर रखे बड़े पत्थर, लोको पायलट की सूझबूझ से टला हादसा

अजमेर में ट्रेन पलटाने की साजिश: रेलवे ट्रैक पर रखे बड़े पत्थर, लोको पायलट की सूझबूझ से टला हादसा
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अजमेर/ । राजस्थान के अजमेर जिले में बदमाशों द्वारा रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बांदनवाड़ा से सिंगवाल के बीच रेलवे ट्रैक पर अज्ञात बदमाशों ने बड़े-बड़े पत्थर रख दिए थे। गनीमत रही कि उस समय वहां से एक टावर वैगन गुजर रही थी, जिसके ड्राइवर ने समय रहते पत्थरों को देख लिया और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बड़े हादसे को टाल दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर सेक्शन इंजीनियर (नसीराबाद) की ओर से भिनाय थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।

लोको पायलट की सतर्कता ने बचाया

सीनियर सेक्शन इंजीनियर राकेश कुमार ने बताया कि 9 मार्च की शाम लगभग 5:52 बजे TRD विभाग की टावर वैगन बांदनवाड़ा से सिंगावल की ओर जा रही थी। किलोमीटर 47/13-14 के पास लोको पायलट को पटरी पर बड़े पत्थर रखे दिखाई दिए। ड्राइवर ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन गति के कारण वैगन का पहिया पत्थर से टकरा गया। वैगन रुकने के बाद स्टाफ ने ट्रैक से पत्थरों को हटाकर टीपीसी कंट्रोल अजमेर को सूचित किया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ मौके पर पहुँचा, जहाँ ट्रैक पर पत्थरों के निशान पाए गए। बदमाशों ने अनाधिकृत रूप से रेल सीमा में प्रवेश कर रेल संचालन में बाधा डालने और ट्रेन को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। भिनाय थाना प्रभारी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि रेलवे की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही घटनास्थल का मौका मुआयना कर दोषियों की तलाश शुरू की जाएगी।

क्या होती है टावर वैगन?

टावर वैगन, जिसे कैटनरी मेंटेनेंस व्हीकल भी कहा जाता है, रेलवे की एक विशेष गाड़ी होती है। इसका उपयोग पटरियों के ऊपर लगी ओवरहेड बिजली की लाइनों (OHE) के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव के लिए किया जाता है। इसमें लगे हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से कर्मचारी ऊंचाई पर स्थित तारों तक आसानी से पहुँच पाते हैं।

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