उपचार की आड़ में आदिवासियों का हो रहा मतांतरण, गोगुंदा विधायक ने किया खुलासा

उदयपुर।
गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती ने मंगलवार शाम आदिवासी बहुल क्षेत्र मालवा के मोजरा गांव में *इलाज की आड़ में मतांतरण* कराने का सनसनीखेज खुलासा किया। विधायक को सूचना मिली कि एक घर पर मरीजों को भर्ती कर दवाइयों के जरिए मतांतरण की कोशिश की जा रही है।
सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत बेकरिया थाने को अलर्ट किया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घर में मौजूद सभी मरीजों को सुरक्षित अस्पताल भिजवाया। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में दवाइयाँ, उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है।
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विधायक गमेती का आरोप
विधायक ने कहा कि आदिवासी इलाकों में मिशनरी गरीब और असहाय लोगों को *गुमराह कर धर्म परिवर्तन* करा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी –
* “ऐसी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
* “धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होगा, लेकिन किसी को जबरन धर्म बदलने पर मजबूर करना पूरी तरह अस्वीकार्य है।”
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मौके पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। बरामद दवाइयों और उपकरणों की जांच की जा रही है कि उनका इस्तेमाल किस तरीके से किया जा रहा था।
नया कानून बना पृष्ठभूमि और संवेदनशील
घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब राजस्थान विधानसभा ने **9 सितंबर 2025 को ‘राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025’** पारित किया है।
इस कानून में प्रावधान है कि –
* किसी भी सामूहिक मतांतरण पर **एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना** लगाया जा सकता है।
* संबंधित संस्था की **संपत्ति जब्त या ध्वस्त** की जा सकती है।
सख्त चेतावनी
विधायक गमेती ने दोहराया कि प्रशासन इस मामले में ढिलाई न बरते। उन्होंने कहा कि *“आदिवासी समाज को गुमराह करने की साजिशों को जड़ से खत्म किया जाएगा। लोगों की आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी।”*
