जिला कलेक्टर रंजन की पहल,मधुर यादों के साथ विदा हुई टीमें,सभी टीमों को मिला यादगार टीम फोटो फ्रेम

जिला कलेक्टर रंजन की पहल,मधुर यादों के साथ विदा हुई टीमें,सभी टीमों को मिला यादगार टीम फोटो फ्रेम
X

चितौड़गढ़। राष्ट्रीय विद्यालयी हैंडबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले के समापन के साथ ही खिलाड़ियों की विदाई का क्रम शुरू हो गया, लेकिन यह विदाई केवल औपचारिक नहीं रही बल्कि चितौड़गढ़ की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी एक भावनात्मक सौगात के साथ सम्पन्न हुई।

जिला कलेक्टर आलोक रंजन की अभिनव पहल पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी राज्यों की टीमों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता की स्मृति स्वरूप विशेष फोटो फ्रेम भेंट किया गया। यह फोटो फ्रेम न केवल प्रतियोगिता की याद दिलाने वाला है, बल्कि इसमें विश्व धरोहर में सम्मिलित चितौड़गढ़ दुर्ग का विहंगम दृश्य भी सम्मिलित किया गया है, जो मेवाड़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।

टीम भावना और गौरव का प्रतीक बना फोटो

फोटो फ्रेम में प्रत्येक टीम के सभी खिलाड़ी, उनके कोच, निर्णायक (रेफरी) तथा SGFI के ऑब्ज़र्वर लियाक़ खान को एक साथ शामिल किया गया है, जिससे यह केवल एक तस्वीर नहीं बल्कि टीम भावना, अनुशासन और खेल भावना का प्रतीक बन गया।

पहले ही संदेश दे चुके थे कलेक्टर

उल्लेखनीय है कि उद्घाटन समारोह के दौरान भी जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने सभी राज्यों से आए खिलाड़ियों से विश्व प्रसिद्ध चितौड़गढ़ दुर्ग और सांवलिया जी के दर्शन कर ‘सुनहरी यादें’ साथ ले जाने का आह्वान किया था। समापन पर यह फोटो फ्रेम उसी संदेश की सजीव परिणति बनकर सामने आया।

1250 से अधिक फोटो फ्रेम वितरित

इस विशेष पहल के तहत,छात्र वर्ग की 33 टीमें, छात्रा वर्ग की 32 टीमें, साथ ही कोच, निर्णायक एवं ऑब्ज़र्वर को मिलाकर लगभग 1250 से अधिक फोटो फ्रेम वितरित किए गए।

समन्वय से हुआ सफल वितरण

वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न कराने में आयोजन सांचों जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक राजेंद्र शर्मा के निर्देशन में एडीईओ सतीश दशोरा सहित नियंत्रण कक्ष कार्मिक अरुण सक्सेना, लक्ष्मण सिंह सोलंकी, संजय कोदली, त्रिलोक शुक्ला, कमलेश डांगड़ा, दीपक पुरोहित तथा सूरज प्रकाश कांटिया, मोहसिन खान, रवि खोईवाल, राहुल लोठ ने विभिन्न टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चितौड़गढ़ की मेहमाननवाज़ी सबको भाई

प्रतियोगिता में शामिल टीमों ने राजस्थान एवं चितौड़गढ़ की मेजबानी, व्यवस्थाओं और इस अनूठी स्मृति-भेंट की भूरि-भूरि प्रशंसा की। खिलाड़ियों ने कहा कि यह फोटो फ्रेम उनके लिए केवल एक यादगार नहीं, बल्कि चितौड़गढ़ से जुड़ा एक स्थायी भावनात्मक संबंध बन गया है।

समापन के साथ ही टीमें खेल की उपलब्धियों के साथ-साथ चितौड़गढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संवेदनाओं की मधुर स्मृतियाँ लेकर अपने-अपने राज्यों की ओर रवाना हुईं।

Next Story