नशे में धुत बस चालक ने राजस्थान के45 तीर्थयात्रियों को खतरे में डाला, 8 किमी तक चला पीछा

नशे में धुत बस चालक ने राजस्थान के45  तीर्थयात्रियों  को खतरे में डाला, 8 किमी तक चला पीछा
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रुड़की, : राजस्थान से तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार आ रही एक बस के चालक ने नशे की हालत में 45 यात्रियों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया। तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चलाने वाले चालक को पकड़ने के लिए परिवहन विभाग की टीम को 8 किलोमीटर तक पीछा करना पड़ा। आखिरकार, बस को रोककर चालक की जांच की गई तो वह नशे में धुत पाया गया।

रुड़की में एआरटीओ प्रवर्तन केसी पलड़िया के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम राजमार्ग पर वाहनों की जांच कर रही थी। नारसन बॉर्डर से लेकर विभिन्न स्थानों पर चेकिंग के दौरान 25 से अधिक वाहनों के चालान काटे गए और तीन वाहनों को सीज किया गया। इसी दौरान, नगला इमरती बाईपास पर एक बस को तेज रफ्तार और गलत तरीके से चलते देखा गया। एआरटीओ ने तुरंत बस का पीछा शुरू किया।नगला इमरती अंडरपास के पास चालक ने बस को तेजी से काटा, जिससे बस उछली और यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। इसके बावजूद चालक ने बेलगाम रफ्तार से बस को बाईपास की ओर दौड़ाया। एआरटीओ की टीम ने हॉर्न और टीपर देकर बस को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक नहीं रुका। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओवरटेक करने से बचा गया और करीब 8 किलोमीटर तक पीछा किया गया।

बढेड़ी राजपूतान में हाईवे निर्माण के कारण बस की रफ्तार कम हुई, तब जाकर टीम ने बस को रुकवाया। चालक ने उतरने में आनाकानी की, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा गया। एल्कोमीटर से जांच में पुष्टि हुई कि चालक नशे में था। बस में सवार 35 वयस्कों और 10 बच्चों को दूसरे वाहनों से हरिद्वार भेजा गया, जबकि बस को सीज कर एआरटीओ कार्यालय ले जाया गया।

यात्रियों ने बताया कि वे गहरी नींद में थे और एक झटके से उनकी नींद टूटी। उन्हें लगा कि बस का पहिया किसी गड्ढे में गिर गया होगा। एआरटीओ केसी पलड़िया ने बताया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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