दशहरा पर्व में अफरा-तफरी: फोटोग्राफर झुलसा, हाथी बेकाबू और पुतले गिरे**

**सूरतगढ़, कोटा, जयपुर: दशहरा पर्व के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजनों में सुरक्षा चूक और अप्रत्याशित घटनाओं के कारण अफरा-तफरी मची। स्टेडियम ग्राउंड में फोटोग्राफर से लेकर हाथी और पुतलों तक हादसों का शिकार हुए।
* **सूरतगढ़:** नगर पालिका के अनुबंधित फोटोग्राफर **लक्ष्मणसिंह राठौड़** कुंभकरण के जलते पुतले के नीचे दबकर झुलस गए। रावण के पुतले की तस्वीर लेने की जल्दबाजी में हुए इस हादसे से स्टेडियम में अफरातफरी मच गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
* **कोटा:** 221 फीट ऊँचे रावण के पुतले के दहन समारोह में मेघनाद के पुतले के पास एक हाथी बेकाबू हो गया। समारोह में मौजूद **सीएम भजनलाल शर्मा** और लोकसभा स्पीकर **ओम बिरला** सहित कई मंत्री सुरक्षित रहे। समय रहते हाथी को काबू में कर लिया गया।
* **जयपुर (शाहपुरा):** रावण का पुतला गाड़ी पर दशहरा मैदान ले जाया जा रहा था। अचानक पुतले में आग लग गई, ड्राइवर कूदकर बचा और स्थानीय लोग इधर-उधर भागने लगे। प्रशासन ने स्थिति तुरंत नियंत्रण में की।
* **जयपुर (आदर्श नगर):** लगातार बारिश के कारण पुतले भीग गए। पेट्रोल डालकर दहन करने की कोशिश के दौरान रावण का पुतला गिर गया और बगल में खड़ा कुंभकरण का पुतला भी ढह गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
**विशेषज्ञों की राय:** इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोजकों ने भविष्य में सुरक्षा को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है। बड़े पुतलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में विशेष सतर्कता और सुरक्षा उपाय अनिवार्य होने चाहिए।
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