चित्रकूट नगर में नाटक “ज़िंदगी 2.0” का मंचन, सामाजिक चेतना का संदेश

चित्रकूट नगर में नाटक “ज़िंदगी 2.0” का मंचन, सामाजिक चेतना का संदेश
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उदयपुर, : मौलिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स के बैनर तले चित्रकूट नगर स्थित थर्ड स्पेस में नाटक “ज़िंदगी 2.0” का सफल मंचन किया गया। युवा रंगकर्मी सचिन भंडारी द्वारा निर्देशित इस नाटक में उन्होंने डॉ. नायडू का किरदार भी बखूबी निभाया। मुख्य पात्र राहगीर की भूमिका आशुतोष पांडे ने जीवंत कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।

कहानी का सार

नाटक “ज़िंदगी 2.0” की कहानी एक एचआईवी पीड़ित व्यक्ति राहगीर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो डॉ. नायडू के क्लिनिक के बाहर अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहा है। वहाँ उसकी मुलाकात श्रीकांत से होती है, जो अपनी सवाल पूछने की आदत से राहगीर को शुरू में परेशान करता है। धीरे-धीरे ये सवाल राहगीर के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। नाटक का चरमोत्कर्ष तब आता है, जब पता चलता है कि श्रीकांत ही डॉ. नायडू है। यह प्रतीकात्मक मोड़ दर्शकों को अवसाद और निराशा के बीच भी जीवन को नए सिरे से जीने का गहरा संदेश देता है। शीर्षक “ज़िंदगी 2.0” इस भाव को और स्पष्ट करता है।

विशेष अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में श्रीमती श्रद्धा मुर्डिया, श्री गौतम राठौड़, श्री प्रदीप पानेरी, श्री शैल चोयल, श्री विलास जानवे और मिस गरिमा मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने नाटक की प्रस्तुति और इसके सामाजिक संदेश की सराहना करते हुए इसे समाज में चेतना जगाने वाला बताया।

मौलिक संगठन का योगदान

मौलिक संगठन के संस्थापक-निदेशक श्री शिवराज सोनवाल ने युवा निर्देशक सचिन भंडारी और कलाकार आशुतोष पांडे की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “मौलिक से नई पीढ़ी के निर्देशक और कलाकारों का रंगमंच में आगे आना हमारे लिए गर्व का विषय है। यही रंगमंच का भविष्य है।”

आगामी आयोजन

मौलिक संगठन इस माह तीन और नाटकों का मंचन करने जा रहा है, जिनमें से एक नाटक प्रसिद्ध फिल्म “गाइड” को समर्पित होगा। यह आयोजन रंगमंच प्रेमियों के लिए एक और यादगार अनुभव लेकर आएगा।

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