ओएमआर शीट घोटाले पर गहलोत का बड़ा हमला, दो साल की सभी परीक्षाओं की जांच की मांग

जयपुर |राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट में गड़बड़ी के मामले में कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद 2024 और 2025 के दौरान हुई सभी परीक्षाओं की गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने भाजपा सरकार पर पेपर लीक मामलों को लेकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया है।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदले जाने के खुलासे ने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने एसओजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह खेल 2018 से पहले की भाजपा सरकार के समय शुरू हुआ और 2026 तक चलता रहा, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी इस कथित फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए, वे 2024 और 2025 में भी सक्रिय थे और उसी बोर्ड में तैनात थे। गहलोत ने कहा कि इन दो वर्षों में आयोजित सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुई थीं, जो अब ओएमआर शीट में गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए हैं, इसलिए इन परीक्षाओं की शुचिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों की शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से कई भर्ती परीक्षाओं की कट ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है, जिससे युवाओं के मन में शंकाएं पैदा हो रही हैं और इनका समाधान जरूरी है।
गहलोत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नए खुलासे के बाद 2024 और 2025 की सभी परीक्षाओं की गंभीरता और गहराई से जांच करवाई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार तुरंत कदम उठाएगी।
कांग्रेस शासन के दौरान की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए गहलोत ने लिखा कि उनकी सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और दस करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करने वाला कड़ा कानून बनाया था। उन्होंने कहा कि पहली बार आरपीएससी के एक सदस्य की गिरफ्तारी हुई और एसओजी ने 250 से अधिक गिरफ्तारियां कीं, साथ ही पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया गया।
गहलोत ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी राजनीति को न्याय के आड़े नहीं आने दिया। जहां खामियां मिलीं वहां सुधार किए गए और युवाओं के हित में कई परीक्षाएं रद्द करने जैसे कठिन फैसले भी लिए गए। उन्होंने दोहराया कि चाहे कांग्रेस शासन हो या भाजपा शासन, जिसने भी गड़बड़ी की हो उसे पेपर लीक पर बने नए कड़े कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
