दलितों को अंबेडकर तीर्थों की यात्रा करवाएगी सरकार, विदेशों में भी टूर करवाने का प्लान

दलितों को अंबेडकर तीर्थों की यात्रा करवाएगी सरकार, विदेशों में भी टूर करवाने का प्लान
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संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े पंचतीर्थों में से सरकार फिलहाल देश में ही तीर्थयात्रा करवाएगी। सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग ने यात्रा की गाइड लाइन जारी कर दी है। इस यात्रा का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसमें दलित समुदाय को बस, ट्रेन व हवाई जहाज से अंबेडकर तीर्थों की यात्रा करवाई जाएगी।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले साल बजट में अंबेडकर के जीवन से जुड़े पंचतीर्थों की यात्रा करवाए जाने की घोषणा की थी। इन पंचतीर्थों में देश में उनके जन्म, बौद्ध धर्म अपनाने के स्थान, निधन तथा चैत्य भूमि से संबंधित स्थानों के साथ ही लंदन में उनका शिक्षा तीर्थ भी शामिल है। हालांकि इसमें राज्य सरकार विदेशों में स्थित अंबेडकर स्मारकों की यात्रा करवाने पर भी विचार कर रही है लेकिन फिलहाल देश में स्थित तीर्थो के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से इस यात्रा की विस्तृत गाइड लाइन जारी कर दी गई है।

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लॉटरी से होगा चयन

यात्रा में कितने लोग जाएंगे, यह हर वर्ष सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में बनी एक समिति तय करेगी। निर्धारित संख्या के हिसाब से हर जिले का कोटा तय किया जाएगा। कोटा तय होने के बाद आवेदन लिए जाएंगे और यदि निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन आते हैं तो लॉटरी द्वारा चयन किया जाएगा।

इसमें जो राजस्थान के मूल निवासी अनुसूचित जाति से आते हैं और आयकरदाता नहीं है, उन्हें इस यात्रा के लिए भेजा जाएगा। चयनितों को यह घोषणा करनी होगी कि वे पहले इस यात्रा पर नहीं गए हैं और इसके साथ ही उनका शाारीरिक और मानसिक तौर पर सक्षम होना जरूरी है।

इन स्थानों की होगी यात्रा

यह यात्रा कुल 3596 किलोमीटर होगी। इसमें अम्बेडकर के जन्म स्थान महू (मध्यप्रदेश), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (हलीपुर, दिल्ली) और चैत्य भूमि (इन्दुमिल, मुम्बई) शामिल हैं। यात्रा जयपुर से दिल्ली, महू, नागपुर और मुम्बई होते हुए वापस जयपुर लौटेगी।

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