आनंद ही परमात्मा का अंतिम स्वरूप हैः राष्ट्रीय संत गोविंददेव गिरी

बारां, । स्व. मुरलीधर साबू मेमोरियल ट्रस्ट एवं विष्णु साबू परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संत गोविंददेव गिरी महाराज ने व्यास पीठ से कहा कि सारे संसार में जिस किसी को परमात्मा का साक्षात्कार हुआ, उस किसी ने बस एक ही वाक्य में अपने अनुभव बताए हैं। वह यह है कि आनंद ही परमात्मा का अंतिम स्वरूप है।
एनएच 27 बारां बायपास पर पुलिस लाइन रोड के पास द होटल द्वारिका परिसर में आयोजित कथा में श्रद्धालू शीतलहर व कड़ाके की सर्दी के बावजूद भक्तिरस में डूबे रहे।
कथा के दौरान देवर्षि नारद एवं भागवत कथा के रचयिता महर्षि व्यास के बीच संवाद का मार्मिक वर्णन किया तो श्रद्धालू भावविभोर हो उठे तथा तालियों की गड़गड़ाहट की। आत्म साक्षात्कार में प्रभू ने देवर्षि से यही कहा था कि जिसके जीवन में थोड़ा भी दोष या अशुद्धि रही है, मैं उसको मिलता नहीं हूं।
राष्ट्रीय संत गोविंद देव ने कहा कि श्रीमद्भागवत एक अलोकिक ग्रंथ है। जिसे व्यास ने समाधि में साक्षात कृष्ण की लीलाओं को देखा, तब भागवत की रचना की। विज्ञान की खोज में तीन बातें महत्वपूर्ण होती है। पहली इन्वेस्टिगेशन अर्थात निरीक्षण, दूसरी केलकुलेशन अर्थात गणना व तीसरी प्रक्टिकल अर्थात प्रयोग। जबकि अध्यात्म में मेडिटेशन अर्थात ध्यान चलता है। हमारे महर्षियों ने मेडिटेशन से सारे संसार के रहस्यों को जान लिया। इसी प्रकार आज की भाषा में समझे ंतो श्रीमद्भागवत ग्रंथ सीधा डाउनलोड किया हुआ है। इसलिए इसमें कहीं भूल नहीं है। यह अद्भुत गं्रथ है। इसका प्रसाद जिसने पाया वह धन्य हो गया। महर्षि व्यास को भी पहला प्रसाद दिव्य बालक के रूप में हुआ। जो शुकदेव भगवान कहलाए।
कथा के दौरान राधे-राधे गोविंद बोलो रे... भजन गाया तो श्रद्धालू मंत्रमुग्ध होकर इसे दोहराने लगे। महाराज के अन्य भजनों ने पांडाल में भक्तिरस बरसा दिया।
इससे पूर्व साबू परिवार ने व्यास पीठ का पूजन किया। कथा में शहर सहित आसपास के गांवों से काफी संख्या में महिला-पुरूष कथाश्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। उनके लिए आयोजक परिवार की ओर से निशुल्क बसें भी लगाई गई है।
कथा आयोजक विष्णु साबू ने बताया कि प्रतिदिन कथा का समय दोपहर 1.30 बजे से शाम 5 बजे तक है। वहीं रविवार को सुबह 9.30 से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। कथा 11 जनवरी तक चलेगी। इससे पूर्व साबू परिवार ने व्यासपीठ का पूजा अर्चना की एवं महाराजश्री का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।
