बहरोड़ में चलती बाइक पर गिरा जर्जर मकान का छज्जाः जुड़वा बच्चों समेत पिता मलबे में दबे; बच्चे जयपुर रेफर, पिता की हालत स्थिर

बहरोड़। शहर में चलती बाइक पर जर्जर मकान का छज्जा टूटकर गिर गया। बाइक सवार पिता समेत जुड़वा भाई-बहन मलबे में दब गए। तीनों को बहरोड़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से भाई-बहन को जयपुर रेफर किया गया है
नीमराना के गांव कोलीला निवासी रतनलाल पत्नी और बच्चों के साथ बहरोड़ में अपने ससुराल में रहते हैं।
रतनलाल निजी अस्पताल में लेब टेक्नीशियन है। बुधवार को रतनलाल अपने जुड़वा बच्चों हिमांशी (10) और हिमांशु (10) को स्कूल में छोड़ने के लिए बाइक पर जा रहे थे
कस्बे के खटिकों के मोहल्ले से गुजरते समय एक पुराने मकान का छज्जा चलती बाइक पर आ गिरा। मलबे में पिता और दोनों बच्चे दब गए। मकान सालों से बंद है और जर्जर अवस्था में है।
छज्जा गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे तीनों घायलों को बाहर निकाला और तुरंत बहरोड़ के जिला अस्पताल ले जाया गया।
दोनों बच्चे जयपुर रेफर, पिता की हालत स्थिर
हादसे में हिमांशी और हिमांशु गंभीर घायल हो गए। हिमांशी के चेहरे के लेफ्ट साइड आंख के नीचे गंभीर चोट है और हिमांशु के लेफ्ट पैर में गंभीर फ्रैक्चर है। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। जबकि उनके पिता रतनलाल के सिर में गंभीर चोट है। जिनका बहरोड़ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर मकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
