जालौर में महिलाओं के स्मार्टफोन पर पंचायत पाबंदी, एनएचआरसी ने जिलाधिकारी को जांच का नोटिस जारी

जालौर में महिलाओं के स्मार्टफोन पर पंचायत पाबंदी, एनएचआरसी ने जिलाधिकारी को जांच का नोटिस जारी
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जालौर जिले के 15 गांवों की महिलाओं के कैमरे वाले स्मार्टफोन उपयोग पर पाबंदी के पंचायत आदेश पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। आयोग को इस संबंध में शिकायत मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए जालौर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।आयोग ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वह शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करें और दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को दें।यह विवाद जालौर जिले के गाजीपुर गांव में हुई चौधरी समाज की सुंधामाता पट्टी की पंचायत के फैसले को लेकर है। पंचायत ने 15 गांवों की महिलाओं के लिए कैमरे वाले स्मार्टफोन के उपयोग पर पाबंदी लगाई है। यह पाबंदी 26 जनवरी से लागू होगी।पंचायत के निर्णय के अनुसार, महिलाएं अब केवल की-पैड वाले फोन का उपयोग कर सकेंगी। इसके अलावा महिलाओं को शादी समारोह, सामाजिक कार्यक्रम या पड़ोसी के घर जाने के दौरान मोबाइल फोन ले जाने से भी रोका गया है।एनएचआरसी में इस शिकायत पर आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार कानून 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से प्रतीत होता है कि यह पाबंदी विशेष रूप से महिलाओं पर लागू की गई है, जो कि लिंग आधारित और गलत है।शिकायत में यह भी कहा गया कि पंचायत या सामाजिक समूह के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि महिलाएं किस तरह फोन या तकनीक का उपयोग करें। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है और इसके लिए उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे जांच कर दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में किसी प्रकार की पाबंदी या भेदभाव रोका जा सके।

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