घी कारोबारी के 5 ठिकानों पर आयकर छापे : मालाणी डेयरी ग्रुप पर कार्रवाई जारी, करोड़ों की कर चोरी का संदेह

जोधपुर । जोधपुर में घी के बड़े कारोबारी समूह मालाणी डेयरी ग्रुप पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने गुरुवार तड़के एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई व्यवसायी घनश्याम सोनी और उनसे जुड़ी फर्मों के खिलाफ की जा रही है। आयकर विभाग की टीमें सुबह से ही विभिन्न ठिकानों पर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। इन ठिकानों पर चल रही कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, जिन पांच स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, उनमें—
- मंडोर मंडी स्थित व्यावसायिक परिसर
- न्यू पॉवर हाउस रोड का औद्योगिक ठिकाना
- बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र
- शहर के भीतरी हिस्से में स्थित पैतृक आवास
- शास्त्री नगर स्थित आवासीय बंगला
शामिल हैं। सभी जगहों पर पुलिस का कड़ा पहरा है और किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
अलसुबह दी दबिश, बाहर निकलने पर रोक
विभागीय सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने गुरुवार अलसुबह एक साथ इन ठिकानों पर दस्तक दी। सर्च ऑपरेशन के दौरान किसी को भी अंदर जाने या बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि समूह के खिलाफ बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और अघोषित आय से जुड़े ठोस इनपुट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बाहर की टीम भी शामिल
सूत्रों के अनुसार आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग की एक टीम बुधवार को उत्तर प्रदेश से फ्लाइट के जरिए जोधपुर पहुंची थी। इसके बाद गुरुवार सुबह स्थानीय टीमों के साथ समन्वय कर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। जानकारी यह भी है कि नागौर और बीकानेर में भी संबंधित ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है।
कौन हैं घनश्याम सोनी और मालाणी डेयरी ग्रुप
मालाणी डेयरी ग्रुप जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान में डेयरी उत्पादों, विशेष रूप से घी के थोक व्यापार का बड़ा नाम माना जाता है। ऑनलाइन उपलब्ध कंपनी रिकॉर्ड के अनुसार मालाणी डेयरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों में घनश्याम सोनी के अलावा सुनीता सोनी, विनोद सोनी और विवेक सोनी शामिल हैं।
कंपनी घी, बटर ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर के थोक व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी है। विभिन्न बिजनेस लिस्टिंग प्लेटफॉर्म पर कंपनी का टर्नओवर 500 करोड़ रुपए से अधिक बताया जाता है। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस गुलाब सागर क्षेत्र में है, जबकि गोदाम और संचालन मंडोर मंडी और बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र से होता है।
कारोबारियों में हड़कंप
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग आमतौर पर तभी सक्रिय होती है, जब बड़े स्तर पर टैक्स चोरी या संदिग्ध नकदी लेन-देन की पुख्ता जानकारी होती है। गुरुवार तड़के हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही मंडोर मंडी, बोरानाडा और न्यू पॉवर हाउस रोड क्षेत्र के अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया।
फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही अघोषित आय और संपत्ति से जुड़े आंकड़े स्पष्ट हो सकेंगे।
