भक्ति से मिला ज्ञान ही असली धन, नाकीसोनाचांदी- संत पं. प्रभुजी नागर

बारां । मालवा के गौसेवक संत पं. प्रभुजी नागर के मुखारविंद से राजस्थान के बारां जिले में अंता के नजदीक धतुरिया गांव में श्रीमद भागवत कथा का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। गौसेवक संत पं. प्रभुजी नागर ने कहा कि आजकल सांसारिक जीवन में सोना, चांदी, पैसा ही धन माना जाता है, जबकि असली धन है भगवान की भक्ति से मिला ज्ञान और मन को मिला संतोष।
कथा में कहा कि पराया धन हमारी बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है और भागवत से मिला ज्ञान हमारे मन को पवित्र कर देता है। इसलिए समय निकालकर भागवत भक्ति के माध्यम से भगवान से तार जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
पंडाल में उपस्थित भक्तों से उन्होंने कहा कि जिनके परिवार में कोई बेटा नहीं है उनको अधिक चिंता या दुखी होने की आवश्यकता नहीं है, आप अपने ईष्ट देवता को ही पुत्र मानकर उनकी सेवा करें। आप पर जब भी कोई विपत्ति आएगी तो आपकी भक्ति संकटमोचक बनकर आपको बचा लेगी।
यह कथा 11 फरवरी तक दोपहर 12 से 3 बजे तक चलेगी। कथा में अंता विधायक प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया एवं आयोजक पटेल हरिश्चंद्र नागर परिवार ने भागवत महाआरती की।
