मनुष्य अपने दुख से दुखी नहीं, वह पड़ौसी के सुख से दुखी- गोविंददेव गिरी

मनुष्य अपने दुख से दुखी नहीं, वह पड़ौसी के सुख से दुखी- गोविंददेव गिरी
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बारां, । एनएच 27 बायपास पर पुलिस लाइन रोड के समीप निजी होटल परिसर में स्वर्गीय मुरलीधर साबू मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित आयोजित हो रही श्रीमद् भागवत कथा में राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्ददेव गिरी महाराज ने कहा कि कोई भी देवता जीवों की समस्त कामनाएं पूर्ण नहीं कर सकता। कामनाएं कभी पूर्ण नहीं होती। एक पूरी होती तो दूसरी शुरू हो जाती है। आज का मनुष्य उतना अपने दुख से दुखी नहीं जितना वह पड़ौसी के सुख से दुखी होता है। इसलिए कामना पूर्ण होगी तो भी वह पर्याप्त नहीं होगी। दुख का मूल ही कामना है, जिसने उसका त्याग कर दिया, उसका जीवन आनंदमय हो गया।

इस दौरान संत ने ज्यों ही भजन ‘प्रभू से कर लो ध्यान, सेवा करो शरण में जान,‘ गाया तो श्रद्धालू भाव विभोर हो उठे और भजन की पंक्तियां दोहराने लगे।

कथा में संत गोविंद देव ने शुकदेव व भक्त प्रहलाद के प्रसंग का भावनात्मक वर्णन करते हुए कहा कि संत कभी किसी से बैर नहीं रखते। सबका कल्याण चाहते हैं। हर जीवात्मा के अपने जीवन काल में एक प्रश्न उठना स्वाभाविक है। वह यह कि मेरा कौन? जिन-जिन को उसने अपना माना वह सब यहीं रहेंगे। जीव अकेला ही ऊपर जाएगा।

संतश्री ने कथा में गजराज व समुद्र मंथन के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि एक बात याद रखना जीवन में शांति तभी मिलेगी जब हम अपनी काम-वासनाओं व मन पर काबू रखेंगे। ईश्वर तो हमारे भीतर ही है। उसे बाहर खोजने की जरूरत नहीं है। गजेंद्र मोक्ष प्रसंग के बारे में बताते हुए संतश्री ने कहा कि गजेंद्र नामक हाथी को बचने के सभी प्रयास विफल हो गए, तो उसने आखरी उपाय के रूप में अपनी सूंड में कमल का फूल रखकर नारायण को पुकारा था। तब नारायण ने उसे बचाया। जिसने भागवत कथा सुनी है, उसका पुण्य ही उसके साथ जाएगा और जन्म-जन्मांतर तक साथ रहेगा।

काशी विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदनमोहन मालवीय का उदाहरण देते हुए देव गिरी महाराज ने कहा कि उन्होंने इस बात का उल्लेख किया है कि गजेंद्र मोक्ष का पाठ करने से उनकी कई सारी बाधाएं स्वतः ही हल हो गई। वे प्रतिदिन इसके 11 पाठ करते थे। जीवन में कई संकटों से उभरे हैं।

आयोजक विष्णु साबू सहित आयोजक स्वर्गीय मुरलीधर साबू मेमोरियल ट्रस्ट परिवार ने आमजन से भागवत कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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