नगरीय निकाय चुनाव टले! अब 2026 में ही बजेगा लोकतंत्र का बिगुल

जयपुर। लंबे इंतजार के बाद भी इस साल राज्य में नगरीय निकायों के चुनाव नहीं हो पाएंगे। सरकार की प्रारंभिक तैयारियों में देरी और ओबीसी आयोग की प्रक्रिया लंबी खिंचने के चलते अब चुनाव **जनवरी-फरवरी 2026** तक टाल दिए गए हैं। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने साफ किया कि दिसंबर 2025 तक आयोग की प्रक्रिया पूरी होना मुश्किल है, और उसके बाद प्रशासनिक तैयारियों में भी वक्त लगेगा।
309 पर पहुँचे निकाय, बढ़ा दबाव
राज्य में अब कुल **309 नगरीय निकाय** (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं) हो चुके हैं। इनमें से 49 में फिलहाल प्रशासक काम देख रहे हैं। दिसंबर 2025 तक 56 और निकायों के बोर्ड का कार्यकाल खत्म होगा, जिससे इन सभी में भी प्रशासक नियुक्त करने होंगे।
### ⚠️ शहरी सरकार का अभाव
यदि चुनाव फरवरी-मार्च 2026 तक टले, तो **196 निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं रहेंगे**। जनता की समस्याओं और विकास कार्यों का जिम्मा प्रशासकों पर ही रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर **जनभागीदारी और जवाबदेही दोनों प्रभावित होंगी।**
सरकार के सामने चुनौतियाँ
* ओबीसी आयोग की रिपोर्ट
* मतदाता सूची का अद्यतन
* तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियाँ
इन सब कारणों से चुनाव प्रक्रिया खिंच गई है। विपक्षी दलों ने इस देरी को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
