बीकानेर में कुदरत का कहर: आसमान से बरसा मिट्टी का गुबार, अंधड़ से मची भारी तबाही

बीकानेर में कुदरत का कहर: आसमान से बरसा मिट्टी का गुबार, अंधड़ से मची भारी तबाही
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बीकानेर | बीकानेर शहर में बुधवार को प्रकृति ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और देखते ही देखते पूरा शहर धूलभरी आंधी की आगोश में समा गया। आसमान में छाई काली घटाओं से जहां लोगों को बारिश की उम्मीद थी, वहीं तेज अंधड़ ने तबाही के निशान छोड़ दिए। धूल के गुबार के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कलेक्ट्री परिसर में बड़ा हादसा टला

तेज हवाओं का सबसे भयावह असर कलेक्ट्री परिसर में देखने को मिला, जहां एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर वहां खड़ी एक कार पर जा गिरा। हादसे के वक्त एडवोकेट जगदीश शर्मा और उनके पुत्र मनीष शर्मा कार के पास से गुजर रहे थे, तभी पेड़ की भारी टहनी गाड़ी के अगले हिस्से पर आ गिरी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पेड़ गिरने से बिजली के हाईटेंशन तार भी टूट गए और एक खंभा पास खड़े ठेले पर जा गिरा। गनीमत यह रही कि उस समय वहां भीड़ कम थी, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।

उमस ने छुड़ाए पसीने, उड़ गया सामान

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज अंधड़ के कारण दुकानों के बाहर रखा सामान और साइन बोर्ड हवा में उड़ गए। राहगीरों और दुकानदारों को अचानक आई इस आंधी से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। हालांकि आंधी के बाद भी बारिश नहीं होने से शहरवासियों को भीषण उमस का सामना करना पड़ रहा है।

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