राजस्थान को नई रेलवे लाइन की सौगात: डूंगरपुर, बांसवाड़ा, और रतलाम को जोड़ेगी, 14 नए स्टेशन बनेंगे

राजस्थान को नई रेलवे लाइन की सौगात: डूंगरपुर, बांसवाड़ा, और रतलाम को जोड़ेगी, 14 नए स्टेशन बनेंगे
X



जयपुर, : राजस्थान में रेलवे कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए एक और नई रेलवे लाइन को मंजूरी मिली है। डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना के तहत 176.47 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर 14 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि भूमि अधिग्रहण के चलते जमीन मालिकों को भी मोटा मुआवजा मिलने की उम्मीद है, जिसे स्थानीय लोग "पैसों की बारिश" कह रहे हैं।

परियोजना का विवरण

रेल बजट 2010-11 में घोषित डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना पर काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4000 करोड़ रुपये से अधिक है, और इसे 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रेल लाइन पर कुल 19 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 14 राजस्थान में और 5 मध्य प्रदेश में होंगे। यह रेल लाइन डूंगरपुर, बांसवाड़ा, और रतलाम को जोड़ेगी, जिससे क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रमुख स्टेशन और क्षेत्र

राजस्थान में स्टेशन: परियोजना के तहत राजस्थान में बनने वाले 14 स्टेशनों में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, और आसपास के क्षेत्रों के स्टेशन शामिल होंगे। ये स्टेशन स्थानीय लोगों को रेल सुविधा प्रदान करेंगे और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देंगे।

कनेक्टिविटी: यह रेल लाइन उदयपुर, अहमदाबाद, और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। उदयपुर से दिल्ली के लिए मेवाड़ एक्सप्रेस और बिछीवाड़ा में असरवा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी इस परियोजना के तहत उठाई गई है।

जमीन मालिकों के लिए मुआवजा

इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इसमें देरी के कारण परियोजना की लागत में हर साल 10-12% की वृद्धि हो रही है। भूमि अधिग्रहण से प्रभावित जमीन मालिकों को सरकार द्वारा मोटा मुआवजा दिया जाएगा, जिससे आसपास की जमीनों के दामों में भी उछाल आने की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मुआवजा उनके लिए आर्थिक समृद्धि का रास्ता खोलेगा।

नेताओं का योगदान

बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस परियोजना को गति देने की मांग की थी। उनकी मांगों में डूंगरपुर में उदयपुर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव और अन्य ट्रेनों का विस्तार शामिल था।

अन्य रेल परियोजनाएं

इसके अलावा, राजस्थान में 8 अन्य नई रेल लाइनें बिछाई जा रही हैं, जिनमें दौसा-गंगापुर सिटी (92.67 किमी, 300 करोड़ रुपये), अजमेर-कोटा (145 किमी, 50 करोड़ रुपये), और पुष्कर-मेड़ता (59 किमी, 50 करोड़ रुपये) शामिल हैं। साथ ही, सात रेल लाइनों का दोहरीकरण भी किया जा रहा है, जिससे रेल संचालन की दक्षता बढ़ेगी।

प्रभाव और महत्व

आर्थिक विकास: यह रेल लाइन क्षेत्र में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, खासकर डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे क्षेत्रों में।

पर्यटन को बढ़ावा: धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।

रोजगार के अवसर: स्टेशनों और रेल लाइन के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

Next Story