जुना बेड़ा में पैंथर का तांडव: 10 भेड़ों को उतारा मौत के घाट, 4 घायल

बाली । उपखंड क्षेत्र के बेड़ा के पास स्थित जुना बेड़ा गांव में बीती रात एक पैंथर ने जमकर उत्पात मचाया। पैंथर ने एक पशुपालक के बाड़े में घुसकर 10 भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया, जबकि 4 अन्य भेड़ें हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस अचानक हुए हमले से गांव में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रात 3 बजे दो शावकों के साथ बाड़े में कूदा पैंथर
जानकारी के अनुसार, जुना बेड़ा निवासी पशुपालक मोतीराम पुत्र पनारामजी देवासी के बाड़े में रात करीब 3 बजे यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि पैंथर अपने दो शावकों के साथ दीवार फांदकर बाड़े के भीतर घुस गया। भेड़ों की चीख-पुकार सुनकर जब तक परिवार के लोग जागे और मौके पर पहुंचे, तब तक पैंथर 10 भेड़ों को मार चुका था। शोर मचाने पर पैंथर वहां से भाग निकला, लेकिन पीछे तड़पती हुई 4 घायल भेड़ें छोड़ गया।
मौके पर पहुंचा प्रशासन और वन विभाग
घटना की सूचना मिलते ही सुबह बेड़ा पुलिस चौकी प्रभारी तेजसिंह मौके पर पहुंचे। वन विभाग को सूचित करने पर वनरक्षक अधिकारी राजूसिंह खींची अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर आए और स्थिति का जायजा लिया। पशु चिकित्सक रणजीत परिहार व उनकी टीम ने घायल भेड़ों का त्वरित उपचार शुरू किया। बेड़ा प्रशासक प्रतिनिधि जयंतीलाल मीणा ने भी मौका मुआयना कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
आजीविका छिनी, मुआवजे की मांग
पीड़ित पशुपालक परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि भेड़ पालन ही उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा था। एक साथ इतनी भेड़ों की मौत से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में पैंथर की लगातार मूवमेंट को देखते हुए ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पैंथर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
