अधिक वर्षा के बीच हर आपात स्थिति से निपटने के लिए राउंड द क्लॉक रहें तैयार :डॉ. सुरपुर

अधिक वर्षा के बीच हर आपात स्थिति से निपटने के लिए राउंड द क्लॉक रहें तैयार :डॉ. सुरपुर
X

राजसमंद। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और निरंतर वर्ष के बीच जिले में उपजी स्थिति, निपटने के लिए अब तक की गई कार्यवाही, संसाधन, प्रमुख समस्याएं और समाधान आदि को लेकर चर्चा करते हुए दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी ममता गुप्ता, एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

जिला प्रभारी सचिव डॉ. सुरपुर ने निर्देश दिए कि निचले स्तर पर बसे गांवों में अधिक सतर्कता बरतें, हो सकता है इन इलाकों में कम वर्षा के बावजूद समस्या उत्पन्न हो। राहत के संदर्भ में पुराने वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखना जरूरी है। इसके लिए सभी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार अपने समस्त पटवारियों से ये जानकारियां जुटाएं कि वे गाँव कौन-से हैं जहां गत वर्षों में अधिक समस्याएं उत्पन्न हुई है।

प्रभारी सचिव डॉ. सुरपुर ने निर्देश दिए कि रात्रि के समय अगर दो-तीन बजे भी किसी उपखंड अधिकारी के पास आपात स्थिति की सूचना आ जाए, तो वह उस स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहे। वर्ष के बीच कहीं भी किसी भी इलाके में हालात खराब हो या रेस्क्यू करना पड़े तो संसाधन 24 घंटे तैयार रहे और सभी टीमें अलर्ट रहें। एसडीएम अपने वाहनों में भी जीवन रक्षक संसाधन रखें। जिला कलक्टर हसीजा ने जिले में वर्षा को लेकर अभी की स्थिति से विस्तृत रूप से अवगत कराया।

गिरदावरी, पंच गौरव, विभागवार समस्याओं पर भी चर्चा:

प्रभारी सचिव डॉ. सुरपुर ने फसल खराबे के गिरदावरी की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि किसानों के प्रति संवेदनशील रहें और शेष गिरदावरी जल्द पूर्ण करें। पशुपालन विभाग से समस्त पशु चिकित्सालयों में दवाइयों, वैक्सीन, डीवॉर्मिंग, कोल्ड चैन आदि को लेकर समीक्षा की। पंच गौरव योजना को लेकर वन विभाग, उद्योग विभाग, उद्यानिकी विभाग आदि से समीक्षा की।

प्रभारी सचिव डॉ. सुरपुर ने उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए कि एक जिला एक उपज के तहत सीताफल के विशेष प्रोडक्ट तैयार करें और इसका पूरी प्लानिंग के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार करें। जब तक सीताफल को बड़ा मार्केट नहीं मिलेगा, तब तक कृषक इसे उगाने की दिशा में प्रोत्साहित नहीं होंगे।

प्रभारी सचिव डॉ. सुरपुर ने विद्युत विभाग से विद्युत सप्लाई, ट्रांसफार्मर की स्थिति, एफआरटी की स्थिति, उद्योग विभाग से रीको क्षेत्र की समस्याओं, जलदाय विभाग से पेयजल सप्लाई, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्रियाशीलता आदि को लेकर समीक्षा की।

प्रशासन ने बताई वर्तमान स्थिति,अभियानों की दी जानकारी:

जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बैठक में बताया कि जिले में गत दस वर्ष का औसत 752 है। इस वर्ष 1 जनवरी से आज तक 768 मिमी वर्षा हुई है जो औसत से अधिक है। इसमें पहाड़ी क्षेत्र में अधिक वर्षा तथा मैदानी क्षेत्र में औसत या औसत से कम वर्षा हुई है।कुल भूमि खसरे 1390137 है जिनमें से अब तक 748602 खसरों की गिरदावरी हो चुकी है, जो 53.85 प्रतिशत है।

राजसमंद जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गांव चलो अभियान एवं शहर चलो अभियान-2025 का आयोजन किया जा रहा है।

कलक्टर ने गांव चलो अभियान को लेकर बताया कि यह अभियान 18 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर तक संचालित होगा। अभियान अवधि में प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार एवं शनिवार को प्रतिदिन दो ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में ग्रामीण जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा तथा शासन की योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

इसके लिए उपखण्डवार विस्तृत शिविर कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। अभियान में भाग लेने वाले विभागों के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। प्रत्येक शिविर में उपखण्ड अधिकारी नोडल अधिकारी एवं विकास अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहकर कार्यों का निरीक्षण करेंगे।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही जिले में शहर चलो अभियान-2025 का आयोजन भी 15 सितम्बर से लेकर 02 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान जिले की सभी नगर निकायों में अभियान के अंतर्गत शिविर लगाए जाएंगे। अभियान को प्रभावी बनाने हेतु नगर परिषद मंडल के पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें विस्तृत जानकारी दी गई है। शिविरों से पूर्व वार्डवार तैयारी कैम्पों का आयोजन कर नागरिकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को चिन्हित किया जा रहा है।

Next Story