प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य कृषक प्रशिक्षण आयोजित

राजसमंद। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2025-26 के तहत मत्स्य विभाग जिला राजसमंद द्वारा एक दिवसीय मत्स्य कृषक जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 फरवरी 2026 को आडावाला तालाब (आमेट) पर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य किसानों को आधुनिक मछली पालन तकनीकों, सरकारी योजनाओं एवं आय वृद्धि के उपायों के बारे में जागरूक करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मत्स्य अधिकारी डॉ. शीतल नरूका ने मत्स्य किसानों को भारत सरकार की रोजगारोन्मुखी जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए मछली पालन को आय का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन अपनाकर उत्पादन बढ़ाने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित जैन ने किसानों को एकीकृत मछली पालन प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी और बतख पालन के साथ समन्वित रूप से मछली पालन कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने पशुपालन एवं मत्स्य पालन के संयुक्त मॉडल से होने वाले लाभों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान मत्स्य विभाग के सम्पत लाल ने किसानों को मछलियों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की पहचान एवं उपचार के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से तालाब निर्माण कर मछली पालन करने के लिए प्रेरित किया तथा छोटे और सीमांत किसानों को योजना का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में मत्स्य किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए मत्स्य पालन को आजीविका के सशक्त साधन के रूप में अपनाने की बात कही।
