राजसमंद के 40 विद्यालयों में फ्यूचर रेडीनेस लैब्स की शुरुआत

राजसमंद । नाथद्वारा विधायक श्री विश्वराज सिंह मेवाड़ की पहल से देलवाड़ा और खमनोर ब्लॉक के 40 राजकीय विद्यालयों में नई फ्यूचर रेडीनेस लैब्स स्थापित की गई हैं, जिनमें डिजिटल संसाधन और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इन लैब्स में विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल-इमोशनल लर्निंग और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे तीन प्रमुख घटकों पर आधारित गतिविधियाँ होंगी। इस पहल को और सशक्त बनाने के लिए, जिला प्रशासन व समग्र शिक्षा राजसमंद ने फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एक्शन के साथ तीन वर्ष के लिए एमओयू बुधवार सुबह जिला कलक्टर कक्ष में किया गया।
इस दौरान जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा, जिला कोषाधिकारी विशाल अग्रवाल, एडीपीसी (समसा) घनश्याम गौड़ आदि मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
शिक्षण पद्धति को कहानी, गतिविधि और समूह संवाद पर आधारित बनाया गया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को स्किलसेट (समस्या समाधान क्षमता), माइंडसेट (जिज्ञासा, आत्मविश्वास, सहानुभूति) और टूलसेट (स्क्रैच कोडिंग, एआई, डिज़ाइन थिंकिंग व डिजिटल स्टोरीटेलिंग) विकसित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, शिक्षकों और शाला-प्रधानों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रगति कार्यक्रम की निगरानी के लिए प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन कमेटी सीडीईओ की अध्यक्षता में द्विमासिक और प्रोग्राम स्टीयरिंग कमेटी जिला कलक्टर की अध्यक्षता में त्रैमासिक समीक्षा करेगी।
नाथद्वारा क्षेत्र के देलवाड़ा और खमनोर ब्लॉक के विद्यालयों में शुरू हुआ यह कार्यक्रम, स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक सहयोग का सशक्त उदाहरण है। इसका लक्ष्य राजसमंद को भविष्य के लिए तैयार जिला बनाना है, ताकि यह पहल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श रूप में विकसित हो सके।
नाथद्वारा विधायक श्री विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि नाथद्वारा विधानसभा के “देलवाड़ा और खमनोर क्षेत्र के विद्यालयों में यह कार्यक्रम बच्चों के लिए नए अवसर खोलेगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल अंकों तक सीमित नहीं होना चाहिए।”
जिला कलक्टर हसीजा ने कहा कि प्रगति कार्यक्रम के साथ राजसमंद एक भविष्य-उन्मुख शिक्षा मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जो पूरे प्रेरणादायी होगा।” जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग को इस पहल के सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
