श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा में नव विवाहिताओं ने हर्षोल्लास से मनाई दशामाता

नाथद्वारा | श्रीनाथजी की पावन नगरी नाथद्वारा में बस स्टैंड के पास स्थित श्रृद्धा पैलेस में अपार श्रृद्धा और भक्ति का अनूठा संगम दशा माता पर्व पर देखने को मिला !
नव विवाहिता कल्पना सोमानी ने अपने सासूजी मधु सोमानी एवं क्षैत्र की सैंकड़ों महिलाओं के साथ पारम्परिक परिधान पहन कर पास ही स्थित वाटिका में सामूहिक रूप से दशामाता का पूजन कर परिवार की सुख समृद्धी और खुशहाली की मंगल कामना की ! महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की विधि विधान से पूजा अर्चना की और सूती चक्र बांधकर दशामाता की कथा का श्रवण किया !
मधु सोमानी ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रृद्धा पूर्वक पूजा अर्चना करने से घर की दशा सुधरती है और दरिद्रता दूर होती है ! भारतीय संस्कृति में दशा माता का पूजन नारी के त्याग और परिवार के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है ! सासूमां अपनी पुत्रवधू को भविष्य में घर गृहस्थी की विरासत को सम्भालने हेतु परिवार के प्रति त्याग और समर्पण की शिक्षा देती है तथा धीरे-धीरे परिपक्व करती है !
महिलाओं ने सामूहिक रूप से नल दमयन्ति की कथा का श्रवण किया और नवविवाहिताओं ने बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद प्राप्त कर हर्षोल्लास से दशा माता पर्व मनाया !
