युवक की संदिग्ध मौत का मामला गरमाया, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

युवक की संदिग्ध मौत का मामला गरमाया, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
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राजसमंद। जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के बग्गड़ बड़ावास गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने इसे सामान्य सड़क हादसा मानने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों ने इस मामले को सुनियोजित हत्या करार देते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घटना का विवरण और संदिग्ध हालात

परिजनों के अनुसार, बीती 7 मार्च को देवीसिंह पुत्र लक्ष्मणसिंह रावत का शव कुंडेली रोड पर अत्यंत संदिग्ध अवस्था में मिला था। शव के निरीक्षण में घुटने और हाथों की उंगलियों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। साथ ही शरीर को घसीटे जाने के स्पष्ट संकेत भी मिले थे। परिजनों का गंभीर आरोप है कि देवीसिंह के बाल भी बेरहमी से खींचकर निकाले गए थे। घटनास्थल पर एक चप्पल शव के पास और दूसरी करीब 200–300 मीटर दूर मिली, जिससे संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। मौके पर खून के निशान भी बिखरे हुए पाए गए।

अपनों पर ही हत्या का शक: बीमा राशि का एंगल

परिजनों ने मृतक के सगे भाई दिनेशसिंह उर्फ दूदसिंह, उसकी पत्नी इंद्रा और अन्य सहयोगियों पर हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने देवीसिंह की हत्या करने के बाद इसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की और देवगढ़ थाने में एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।

इस मामले में एक चौंकाने वाला पहलू 'बीमा' से जुड़ा सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि हाल ही में मृतक के नाम पर कई बीमा पॉलिसियां और बैंक खातों में बीमा करवाया गया था, जिनमें दिनेशसिंह को 'नॉमिनी' बनाया गया था। इसी बीमा राशि को हड़पने के लालच में इस वारदात को अंजाम देने का शक जताया जा रहा है।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

ग्रामीणों का दावा है कि जिस मोटरसाइकिल से हादसा होना बताया गया है, उसके चालक ने किसी भी प्रकार की टक्कर से इनकार किया है। वहीं, कथित चश्मदीद गवाह ने भी ऐसी किसी घटना को देखने की बात से पल्ला झाड़ लिया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर ढुलमुल रवैया अपनाने और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर मामले का खुलासा नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।

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