SI भर्ती पेपर लीक घोटाला: तीन प्रोबेशनर SI गिरफ्तार, लीक सॉल्वड पेपर से बने थानेदार—अब जेल की राह!

जयपुर,राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए SI भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में तीन प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर (SI) को गिरफ्तार कर लिया है। नाम हैं परमेश, मनोहर और मनोहर लाल। इन तीनों ने परीक्षा से पहले लीक हुए सॉल्वड पेपर पढ़कर लिखित परीक्षा पास की थी, और अब तक इस घोटाले में 59 SI सहित कुल 130 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। SOG एडीजी वीके सिंह ने बताया कि पूछताछ में ये तीनों फरार चल रहे थे, और इन्हें गोपनीय सूचना के आधार पर दबोचा गया।
घोटाले का काला चेहरा: लालच ने कैसे बनाया 'फर्जी थानेदार'?
यह मामला 2021 की पुलिस SI भर्ती परीक्षा का है, जहाँ राष्ट्रीय राजस्थान सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन सिलेबस लीक होने से पूरा सिस्टम हिल गया। SOG की जांच में सामने आया कि एक आपराधिक गिरोह ने पेपर लीक कर सॉल्वड उत्तर बेचे, जिसे पढ़कर कई अभ्यर्थी चयनित हो गए।
तीनों आरोपी का बैकग्राउंड:
परमेश: मूल रूप से सीकर जिले का, जयपुर ग्रामीण पुलिस लाइन में तैनात। उसने लीक पेपर के जरिए 200+ अंक हासिल किए, लेकिन री-टेस्ट में फेल साबित हुआ।
मनोहर: नागौर से, अजमेर पुलिस लाइन में प्रोबेशन पीरियड में। 8 लाख रुपये देकर पेपर खरीदा, रैंक 456 पर चयनित।
मनोहर लाल: झुंझुनू का रहने वाला, कोटा रेंज में तैनात। परिवारिक रिश्तों से जुड़ा गिरोह का सदस्य, जिसने अन्य अभ्यर्थियों को भी पेपर सप्लाई किया।
SOG ने री-टेस्ट करवाया, जिसमें इनके मूल अंक और लीक पेपर के अंकों में भारी अंतर पाया गया। व्हाट्सएप चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स से साबित हुआ कि परीक्षा से 4-5 दिन पहले इन्हें सॉल्वड पेपर मिला था। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
बढ़ती गिरफ्तारियों की तालिका: घोटाले का स्केलआरोपी का प्रकारगिरफ्तार संख्यामुख्य खुलासाप्रोबेशनर SI59लीक पेपर पढ़कर चयनित, अब बर्खास्तगी की कगार परपेपर लीक माफिया40+विनोद रेवाड़, बाबूलाल कटारा जैसे सरगना पकड़ेअन्य अभ्यर्थी/सहयोगी31फिजिकल टेस्ट में फेल होने वाले भी शामिल, जैसे रिद्धि-नेहा पांड्या परिवारकुल130अभी 20+ फरार, SOG की तलाश जारी
SOG की सख्ती: क्या होगा अगला कदम?
पूछताछ फोकस: तीनों से पूछा जा रहा है कि पेपर किस नेटवर्क से मिला? कितने और SI इसमें लिप्त? पूर्व CM अशोक गहलोत के PSO राजकुमार यादव की गिरफ्तारी के बाद ये लिंक मजबूत हो रहे हैं।
बर्खास्तगी: पहले ही 25 ट्रेनी SI बर्खास्त हो चुके। इन तीनों की नौकरी भी खतरे में।
चेतावनी: SOG चीफ ने कहा, "कोई बचेगा नहीं। साइबर सेल और ATS मिलकर नेशनल अलर्ट जारी कर रहे।"
