जलमहल के आसमान में गूंजेगा रोमांच, सूर्यकिरण टीम का 801वां एयर शो आज से

जयपुर |ऐतिहासिक जलमहल के आसमान में आज से भारतीय वायुसेना की 'सूर्यकिरण एयरोबेटिक्स' टीम ने अपने 801वें एयर शो की भव्य शुरुआत की है। नाहरगढ़ की पहाड़ियों के पीछे से निकलते नौ विमानों का दस्ता जब जलमहल के ऊपर लगभग 1000 फीट की ऊंचाई पर पहुँचा, तो तिरंगे धुएं के साथ पूरा वातावरण रोमांच से भर गया।
इस शो की सबसे बड़ी विशेषता स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन है। वायुसेना के 11 बेस रिपेयर डिपो, नासिक द्वारा विकसित स्वदेशी स्मोक पॉड्स से निकलता केसरिया, सफेद और हरा धुआं आसमान में राष्ट्रगौरव की अद्भुत गाथा लिख रहा है।
एयर शो की मुख्य विशेषताएं:
असाधारण समन्वय: पायलट महज 5 मीटर की नजदीकी दूरी पर सामूहिक उड़ान भरते हुए अपनी ट्रेनिंग का लोहा मनवा रहे हैं।
हवाई करतब: शो के दौरान 18 अलग-अलग हैरतअंगेज मैन्युवर (करतब) देखने को मिल रहे हैं।
परफेक्ट फॉर्मेशन: 9 विमानों का दस्ता 1000 फीट की ऊंचाई पर सटीकता और गति का बेजोड़ प्रदर्शन कर रहा है।
दो दिवसीय आयोजन: यह टीम 20 और 22 फरवरी को जयपुरवासियों को कौशल और देशभक्ति के रंग में सराबोर करेगी।
सुरक्षा एवं दिशा-निर्देश:
प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दर्शकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम लागू किए गए हैं:
निर्धारित प्रवेश द्वारों से ही प्रवेश मिलेगा और पहचान-पत्र अनिवार्य है।
ड्रोन, नुकीली वस्तुएं और ज्वलनशील सामग्री लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
जलमहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और तकनीक के इस संगम ने जयपुर के लिए इस पल को यादगार बना दिया है।
