फतहसागर में डूबते लोगों को बचाने का किया जीवंत प्रदर्शन

उदयपुर, । मानसून सत्र में सभावित बाढ़ अथवा अतिवृष्टि के दौरान बनने वाले स्थितियों से निपटने की तैयारियां परखने के लिए बुधवार को फतहसागर की पाल पर सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा सिविल डिफेन्स टीम का संयुक्त पूर्वाभ्यास जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल के निर्देशन में हुआ। इसमें पानी में डूबते लोगों को बचाने, प्राथमिक उपचार देने, बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों आदि के संबंध में जीवन्त प्रदर्शन के माध्यम से जानकारी दी गई।

फतहसागर की मुख्य पाल पर बुधवार सुबह अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, 30 ब्रिगेड के कमाण्डर विशाल नायर, 3 राज रीफ के कर्नल रविन्द्र एहलावत तथा लेफ्टिनेंट कर्नल कुलदीपसिंह की उपस्थिति में संयुक्त पूर्वाभ्यास प्रारंभ हुआ। इसमें सेना के जवानों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल, राज्य आपदा प्रबंधन बल तथा नागरिक सुरक्षा दल ने बाढ़ एवं अतिवृष्टि के दौरान बनने वाले हालातों तथा उसमें आमजन की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया। दल ने फतहसागर में बोटिंग के दौरान नाव पलटने से लोगों के पानी में डूबने, सुरक्षा दलों द्वारा तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचना, लाइफ सेविंग उपकरणों की मदद से उन्हें बचाने, डीप डाइविंग से पानी में गहराई में डूबे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने आदि का जीवन्त प्रदर्शन किया। मौके पर बाढ़ बचाव एवं राहत कार्य के लिए अपेक्षित सामग्री यथा बोट, डूबते हुए लोगों को बचाने के लिए लाइफ सेविंग सामग्री, बड़ी गेंद, प्लास्टिक जार, नारियल आदि आसानी से उपलब्ध होने वाली वस्तुओं से तैयार किए जाने वाले बचाव उपकरणों आदि का डेमो भी किया गया।

इस दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी, सहायक अग्निशमन नवदीपिंसह बग्गा, सेना से केप्टन एमपीएस सिसोदिया, एनडीआरएफ के निरीक्षक कृष्णकुमार, दिनेशकुमार, एसडीआरएफ के प्लाटून कमाण्डर भगवानसिंह, हैडकांस्टेबल रोशनलाल, सिविल डिफेन्स से टीम लीडर कैलाश मेनारिया सहित बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे।

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