संशय का निवारण सिर्फ रामकथा में : पुष्कर दास महाराज

उदयपुर। हिरण मगरी सेक्टर 14 स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण जेके ब्लॉक में संगीतमय रामकथा के चौथे दिन पुष्कर दास महाराज ने कहा कि आज के समय में कथाएं बहुत महंगी हो रही है सत्य का मार्ग,कल्याण का मार्ग महंगा नहीं होना चाहिए। कथा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। आज के समय में मोह के कारण बीमारियां ज्यादा हो रही हैं। मन की बीमारी का इलाज कथा सत्संग में है। सती संशय करने के कारण मन से बीमार हुई । जिसको बात बात पर संशय हो वो प्रभु के निकट नहीं जा सकता। इसलिए कहा गया संशय आत्मा विनश्यति द्य संशय का निवारण भगवद कथा सुनना द्य भगवान शकर इसलिए सती को अगस्त ऋषि के आश्रम में ले गए ताकि वहां संशय का निवारण हो सके। जो कभी किसी से राग, द्वेष नहीं करे वहीं सही संन्यासी है। जो घट घट में बोल रहा वही राम है, भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम है। दशरथ का मतलब दसों इंद्रियों का रथ वही दशरथ, भगवान हर जीव में विद्यमान है हम दुनिया के भौतिक वाद में भगवान को भूल गए है। इसलिए संतों ने कहा थोड़ी थोड़ी देर में कहते रहो हे नाथ में आपको भूलूं नहीं । कई लोग कथा में बैठते हे परन्तु मन कही और होता है, विचारों की भीड़ सभी जगह है। विचार अपने लोगों के होते है, मां को बेटे का,पत्नी को पति का, माता पिता को बच्चों का विचार रहता है। सत्संग में बैठने से हमारे विचारों का शमन होता है, सत्संग से हमे जीवन जीने का ज्ञान होता है। ध्यान पूर्वक जो कथा श्रवण करते हे उन्हें संतों की उपमा दी जाती है। आगे कहा कहा सती के पिता दक्ष ने शिव से द्वेषता के कारण यज्ञ किया द्य इसलिए यज्ञ सफल नहीं हुआ द्य महाराज ने कहा कथा मनोरंजन प्रधान नहीं आत्मानुरंजन होनी चाहिए। दर्पण शब्द की व्याख्या करते हुए कहा सही दर्पण तो हमारी रामायण है जो हमारी कमियां दिखाती है।
सोमवार को रुद्रेश्वर महादेव विकास समिति के महेश त्रिवेदी, मनोज भट्ट, जगदीश व्यास, प्रवीण सिंह, पुष्पेंद्र शर्मा, मंजू कुंवर कृष्णा भाटी, गोविंद सिंह, राहुल सिंह एवं अतिथि के रूप में हरि सिंह, सत्येंद्र सिंह, राकेश शर्मा, कन्हैया लाल माली, राकेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में वि_ल वैष्णव ने बताया मंगलवार को कथा में राम जन्म उत्सव धूम धाम से मनाया जाएगा ।
