संथारा साधिका नानी बाई की डोलयात्रा में उमड़े हजारों श्रावक-श्राविकाएं

उदयपुर, । शहर के सुभाष नगर में संथारा साधक नानी बाई नंदावत का आज उदयपुर में डोल यात्रा निकली। संथारा साधिका का एक दिन पहले उदयपुर में देवलोकगमन हो गया था।
सुभाष नगर जैन सोसाइटी के अध्यक्ष राकेश नंदावत ने बताया कि संथारा साधक नानी बाई नंदावत का एक दिन का संथारा सीझा और क्षमापना व समाधिमरण के पावन मार्ग पर चलते हुए, तपस्वी की आत्मा ने नश्वर देह का त्याग कर सिद्धत्व की ओर प्रस्थान किया। अत्यंत गरिमा और धर्म-भाव के साथ 16 जनवरी को आचार्य रामलाल महाराज की शिष्या सुशीला कुंवर महाराज आदि ठाणा द्वारा संथारा प्रतीकाख करवाया सुबह 8.30 संथारा ग्रहण किया शाम 3.30 संथारा सीज गया। श्रद्धेय तपस्वी नानी बाई नंदावत धर्मपत्नी स्व. बसंती लाल नंदावत का संथारा पूर्वक देवलोकगमन हुआ। शासन दीपिका सुशीला कुंवर माहराज के सानिध्य में ग्रहण की गई यह महान साधना अपनी पूर्णता को प्राप्त हुई। उनके अटूट संयम की बारंबार अनुमोदना संपूर्ण समाज द्वारा की गई। "धन्य है वह आत्मा जिसने मोह-माया के बंधनों को तोडक़र, संलेखना पूर्वक समाधि मरण को प्राप्त किया। आपकी यह साधना संपूर्ण जैन समाज के लिए सदैव वंदनीय रहेगी।
अध्यक्ष नंदावत ने बताया कि शनिवार को सुबह 8 बजे सुभाष नगर से डोल यात्रा (अंतिम यात्रा) रवाना हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में उदयपुर और बाहर से आए श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए अशोक नगर स्थित मोक्षधाम पहुंची। डोल में श्रावक श्राविकाओं ने अंतिम दर्शन किए। रास्ते में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए खड़े थे। डोल यात्रा में बैंड बाजे पर भक्ति गीत बज रहे थे। रास्ते में जगह-जगह श्रावक-श्राविकाओं ने पुष्पाजंली अर्पित करते हुए पुष्पवर्षा की वहीं सैंकड़ों धर्म प्रेमियों की उपस्थिति में अरिहंत देव के जयकारों के साथ संपन्न साधिका का अंतिम संस्कार हुआ।
डोल यात्रा में ओसवाल समाज बड़े साजन के अध्यक्ष कुलदीप नारह, ओसवाल समाज छोटे साजन के निर्वतमान अध्यक्ष प्रकाश कोठारी, सकल जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत, दिनेश कावडिय़ा, अरुण मांडोत, डॉ सुभाष कोठारी, राजेंद्र नंदावत, राकेश नंदावत सहित हजारों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
