नाबालिग से रेप और गर्भवती होने के मामले में FIR न दर्ज करने पर बड़ी कार्रवाई, CI देवीलाल मीणा सस्पेंड

उदयपुर। 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के गंभीर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उदयपुर के मांडवा थानाधिकारी (CI) देवीलाल मीणा को निलंबित कर दिया गया है। उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर थानाधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।
यह है पूरा मामला:
रेप की घटना: नवंबर 2024 में पीड़ित बच्ची जंगल में लकड़ी लेने गई थी, जहां आरोपी सरदीराम ने उसे चाकू दिखाकर रेप किया। डर के मारे बच्ची ने किसी को नहीं बताया।
गर्भवती होना: बाद में तबीयत खराब होने पर पता चला कि बच्ची गर्भवती है, जिसके बाद परिजनों को मजबूरन उसे गुजरात के एक निजी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया।
नवजात को छीना: गांव लौटने पर आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार को धमकाया और नवजात बच्चे को जबरन छीन लिया।एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही:
परिजनों ने सबसे पहले 28 जून 2025 को मांडवा थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन CI देवीलाल मीणा ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय उन्हें पंचायत में मामला सुलझाने की सलाह दी।
पीड़िता ने 17 अगस्त को दोबारा रिपोर्ट दी, फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।इसके बाद 18 सितंबर को परिजनों ने उदयपुर एसपी से न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए, लेकिन थानाधिकारी ने इसके बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया।
आईजी ने लिया संज्ञान, CI सस्पेंड:
थानाधिकारी की घोर लापरवाही की शिकायत जब उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव तक पहुंची, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। एफआईआर दर्ज करने जैसे गंभीर कानूनी दायित्व में लापरवाही बरतने के कारण CI देवीलाल मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
