राष्ट्रीय लोक अदालत में 5,47,520 प्रकरण निस्तारित,30 करोड 61 लाख के अवार्ड पारित

उदयपुर, । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में जिला एवं सैशन न्यायाधीश (अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशन में शनिवार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। श्री गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उदयपुर मुख्यालय के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, बैक बीमा के अधिकारीगण एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे।
एडीजे कुलदीप शर्मा बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5,47,520 प्रकरणों का निस्तारण किया गया जिसमें लगभग 30 करोड 61 लाख के अवार्ड पारित किये गए ( समस्त न्यायालयो, अधिकरणों एवं आयोगो में लंबित 23,779 प्रकरण, प्रि-लिटिगेशन के 5,23,741 प्रकरण )। एडीजे श्री शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरण का निस्तारण होने पर प्रकरण का हमेशा के लिए निस्तारण हो जाता है। निस्तारित प्रकरण की अपील नहीं होती है। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरण का निस्तारण होने पर पक्षकारों द्वारा दी गई कोर्ट फीस पुनः लोटा दी जाती है। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरण का निस्तारण होने से पक्षकारों में आपसी भाईचारे एवं सोहार्द की भावना बनी रहती है । राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के समय अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिशाषी अभियंता राजस्व अधिकारी, एल.एन.टी फाईनेंस, बजाज फाइनेंस, उद्गम, फिनोवा, हिरो, सुन्दरम, बैंक ऑफ इंडिया, एस.बी.आई., बी.एस.एन.एल., इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आर.जी.बी., एस.बी.आई. कार्डस, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीबी फाइनेंस, अंबित फाइनेंस, एक्सिस बैंक, जनाजाना स्मॉल, यूनियन बैंक, श्रीराम फाइनेंस, एक्मे फिनट्रेड, आईआईएफएल, फिनोवा, आरबी.एल., बंधन, के अधिकारीगण एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु उदयपुर मुख्यालय एवं तहसीलों पर स्थित न्यायालयों पर कुल 15 बेंचां का गठन किया गया था।
