नशे के विरुद्ध अभियान शुरू

उदयपुर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वाधान में जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर एवं आरोग्य सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में नशे के विरूद्ध अभियान शुरू किया गया है।
प्राधिकरण सचिव एवं एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि स्कूल एवं कॉलेज के बच्चों में ड्रग्स लेने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए इसे रोका जाना आवश्यक है। नालसा की डॉन योजना (ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन) भारत में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य कानूनी सहायता, जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ना है, जिसमें कानूनी मदद, परिवारों के लिए समर्थन और हर स्कूल और गली में नशे के खिलाफ एक मजबूत आवाज देना शामिल है ताकि एक नशामुक्त भारत बनाया जा सके। यह योजना युवाओं को स्वस्थ भविष्य के लिए नशे के खिलाफ जागरूक करती है।
आरोग्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित आरोग्य जिला नशा मुक्ति केंद्र द्वारा बारापाल स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय व टी डी स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। संस्था के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर विजयपाल सिंह ने संस्था में चल रहे प्रोजेक्ट के बारे में बताया व नशा मुक्ति संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि आजकल विद्यार्थी जीवन में कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। मुख्य रूप से छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक दबाव, और समय प्रबंधन की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी उनकी पढ़ाई और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। साथ ही बताया कि मोबाइल फोन की लत किसी नशीली दवाओं से कम नहीं है। पहले भी ऐसे कई रिसर्च में कहा गया है कि इंटरनेट और मोबाइल गेम के आदी बच्चों के दिमाग पर इसका लंबे समय तक प्रभाव पड़ सकता है। ज्यादा देर तक स्क्रीन पर समय बिताने की वजह से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ज्यादा देर तक मोबाइल स्क्रीन पर समय बिताने की वजह से आँखों में तनाव, गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द और वजन बढ़ने जैसी शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। ज्यादा देर तक स्क्रीन का इस्तेमाल करने पर लोगों में अकेलापन, अवसाद और मनोदशा संबंधी मानसिक विकार पाए गए। फोन का ज्यादा उपयोग करने पर आपके और आपके बच्चों को नुकसान पहुंचेगा और जिसे आप जीवनशैली में गड़बड़ी मान रहे हैं, वो किसी बड़े विकार के लक्षण हो सकते हैं। आंखों पर तनाव और एकाग्रता की कमी। इसलिए जितना होसके बच्चो को मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल कम करने देना चाहिए। कुछ मानसिक समस्याएं, पारिवारिक समस्याएं, सामाजिक दबाव, जिज्ञासा जिनकी वजह से बच्चा गलत कदम उठा लेता है। आज कल तो एक फैशन सा चला हुआ है बच्चे बहुत जल्दी एक दूसरे से मोटीवेट हो रहे है। ये ऐसा कर रहा है हम भी करते है और वो भी शुरू हो जाते है। और धीरे धीरे एक ऐसी नशे की आदत का शिकार हो जाते है जो उन्हें बर्बादी की ओर ले जाती है। ऐसे हजारों नहीं लाखो नहीं करोड़ों किस्से है हमारे देश में जिन की बर्बादी का कारण नशा है।
इसी के साथ संस्था के जोगेंद्र सिंह चौहान ने बताया की नशे की समस्या एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा बन चुकी है, जो पूरी दुनिया में लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है, विशेष रूप से युवा वर्ग को। यह समस्या न केवल व्यक्तिगत जीवन को नष्ट करती है, बल्कि समाज और परिवारों पर भी बुरा प्रभाव डालती है। इसलिए हमें स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए जिससे नियमित व्यायाम , स्वस्थ आहार , और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए जितना हो सके हमें बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए व दूसरों को भी दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
नशा मुक्ति अभियान का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यह व्यक्तियों, परिवारों और समाज को नशीली दवाओं के सेवन के नकारात्मक प्रभावों से बचने में मदद करता है। यह अभियान न केवल नशा करने वालों को ठीक करने में मदद करता है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और उत्पादक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित भी करना है। साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों व संस्था के कर्मचारियों द्वारा विद्यालय के आस पास लोगो को जागरूक करने के लिए नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गयी और विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति के लिए जोर शोर से नारे लगाए जिससे आम जन नशा मुक्ति के लिए जागरूक हो सके।
इसी के साथ कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों के मध्य नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गयी। व साथ ही संस्था के पम्पलेट व विजिटिंग कार्ड वितरित किये गए। कार्यक्रम के दौरान संस्था के मैनेजर नारायण सिंह, जोगेंद्र सिंह चौहान, सुदर्शन सिंह, हर्षवर्धन सिंह, श्वेता कुंवर, रीना धोबी, कर्णिका राज चौहान आदि लोग सम्मिलित रहे।
