मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण आयोजित

उदयपुर । मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2025-26 अन्तर्गत एक दिवसीय मधुमक्खी पालन कृषक प्रशिक्षण का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, बडगांव में उद्यान विभाग द्वारा किया गया।
उप निदेशक उद्यान, डॉ. कैलाशचन्द्र शर्मा ने बताया कि उदयपुर जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर इसको व्यवसाय का रुप देने हेतु किसानों को मधुमक्खी पालन करने हेतु व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। मधुमक्खी पालन से सम्बन्धित विभिन्न व्याख्यान आयोजित किये गये। कृषि विज्ञान केन्द्र, बडगांव के कीट वैज्ञानिक, डॉ. दीपक कुमार जैन द्वारा मधुमक्खियां की विभिन्न प्रजातियो, उनकी विशेषताओ एवं मधुमक्खियो में होने वाली बीमारियो एवं कीटो के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई एवं मधुमक्खी पालन के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
चितौडगढ़ जिले के मधुमक्खी पालक किसान मोहन लाल खटीक एवं कोटा जिले के मधुमक्खी पालक किसान महेन्द्र कुमार मालव को भी प्रशिक्षण देने हेतु आमंत्रित किया गया था वे स्वयं के साथ जीवित मधुमक्खियो के बॉक्स लेकर आये तथा अन्य किसानो को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले नीबू, अजवाईन, सरसो, वनीय वनस्पति, तुलसी आदि से प्राप्त होने वाले शहद के बारे में जानकारी दी। मधुमक्खी से प्राप्त होने वाले मोम, रॉयल जेली आदि उत्पादों के बारे में बताया एवं मधुमक्खी पालन हेतु उपकरणों के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई।
उद्घाटन सत्र में कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रफुल्ल भटनागर द्वारा बताया गया कि मधुमक्खी पालन लाभकारी व्यवसाय है जिसको अपनाकर उद्यमी कृषक अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकते है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि मधुमक्खी पालन हेतु बी-बॉक्स, बी-कॉलोनी पर 800 रुपये बी-किपिंग किट पर रुपये 20000 तथा मधुमक्खियों के बॉक्स के माइग्रेशन हेतु 9000 रुपये का अनुदान उद्यान विभाग द्वारा दिया जा रहा है।
मधुमक्खी पालन योजना का लाभ लेने हेतु राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करे, जिसमें मधुमक्खी पालन हेतु एम्पेनल्ड फर्मो का कॉटेशन अपलोड किया जाना आवश्यक है। मधुमक्खी पालन हेतु अधिक जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मधुमक्खी पालन कम पूंजी में अधिक मुनाफा कमाने का लाभकारी व्यवसाय है। मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण के दौरान चन्द्र शेखर डूडेजा, सहायक जनरल मैनेजर, एपीडा द्वारा भी व्याख्यान दिया गया जिसमें बताया गया कि किसान अपने उत्पादों का निर्यात कैसे करे।
प्रशिक्षण में डॉ. जिज्ञासा त्रिवेदी, सहायक निदेशक उद्यान, फतेह सिंह, कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक, विकास सुथार, सत्यनारायण आचार्य, मनीष कलाल सहित लगभग 50 महिला-पुरूष किसानो ने भाग लिया।
