ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद

उदयपुर, । आगामी ग्रीष्म ऋतु 2026 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने आदेश जारी कर खराब पड़े हैंडपंपों के तत्काल सर्वे और मरम्मत के लिए विशेष कमेटियों का गठन किया है।
आदेशानुसार पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए उपखण्ड और ग्राम स्तर पर समितियां बनाई गई हैं। उपखण्ड स्तरीय में संबंधित उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता शामिल होंगे। वहीं ग्राम स्तरीय कमेटी में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी और पटवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्वे और मरम्मत की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए एक गूगल शीट भी जारी की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सर्वे और मरम्मत का विवरण नियमित रूप से इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करें। गठित कमेटियों को 3 दिन के भीतर सर्वे कार्य पूरा कर खराब हैंडपंपों को चिन्हित करना होगा। इसके पश्चात, चिन्हित किए गए हैंडपंपों की मरम्मत 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाएगी ताकि आमजन को राहत मिल सके।
