उदयपुर में संभाग स्तरीय पेंशन अदालत 27 अप्रैल को

उदयपुर, । राज्य सरकार के सेवानिवृत्त पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से 27 अप्रैल 2026 को उदयपुर में संभाग स्तरीय पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर शुक्रवार को पेंशन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय उदयपुर में पूर्व तैयारी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक पेंशन श्रीमती रूचि प्रियदर्शी, ग्रामीण कोषाधिकारी श्रीमती प्रीति वर्मा, संयुक्त निदेशक शिक्षा उदयपुर एवं पेंशन समाज के अध्यक्ष भंवर सेठ सहित संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आगामी पेंशन अदालत के सफल आयोजन तथा आवश्यक तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अतिरिक्त निदेशक पेंशन श्रीमती रूचि प्रियदर्शी ने बताया कि इस बार आयोजित होने वाली पहली पेंशन अदालत शिक्षा विभाग को समर्पित रहेगी, जिसमें विधवा, परित्यक्ता एवं दिव्यांग पेंशनर्स के प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों की कार्यालय स्तर पर जांच के लिए 14 बिंदुओं की चेकलिस्ट जारी की गई है, ताकि समयबद्ध रूप से प्रकरणों का निस्तारण किया जा सके।
न्यायिक एवं नीतिगत मामले नहीं होंगे शामिल
श्रीमती प्रियदर्शी ने स्पष्ट किया कि पेंशन अदालत में न्यायिक और नीतिगत मामलों को शामिल नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग से संबंधित कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी परिवेदनाएं संयुक्त निदेशक शिक्षा कार्यालय, संभाग के जिलों के कोषाधिकारी कार्यालयों तथा पेंशन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में 25 मार्च 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
विशेष सेल गठित
पेंशन विभाग क्षेत्रीय कार्यालय उदयपुर में एक विशेष पेंशन अदालत सेल का गठन किया गया है। सेल के नोडल अधिकारी उपनिदेशक मयंक व्यास होंगे, जबकि मुख्य सहायक अमिउद्दीन गौरी, कुणाल श्रीमाल और पंकज रेवाड़ सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। पेंशनर्स अपनी परिवेदनाएं निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन माध्यम से 25 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से भेज सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी एसीसीआईडीयुडीआर एड जीमेल डॉट कॉम, टीओयुआरयुआरएएल-युडीए-आरजे एड एनआईसी-इन तथा जेडीपेंशनउदयपुर123 एड जीमेल डॉट कॉम जारी की गई हैं। बैठक के अंत में अतिरिक्त निदेशक श्रीमती प्रियदर्शी ने सभी संबंधित विभागों और पेंशनर्स से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इस प्रथम पेंशन अदालत को सफल बनाने का आह्वान किया।
