आयड़ तीर्थ में तीन दिवसीय अनुष्ठान के तहत अठारह अभिषेक का आयोजन

उदयपुर, । तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन मंदिर में श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्तवावधान में कला पूर्ण सूरी समुदाय की साध्वी जयदर्शिता श्रीजी, जिनरसा श्रीजी, जिनदर्शिता श्रीजी व जिनमुद्रा श्रीजी महाराज आदि ठाणा की चातुर्मास सम्पादित हो रहा है। महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि रविवार को आयड़ तीर्थ के आत्म वल्लभ सभागार में सुबह 7 बजे साध्वियों के सानिध्य में ज्ञान भक्ति एवं ज्ञान पूजा, अष्ट प्रकार की पूजा-अर्चना की गई। सभी श्रावक-श्राविकाओं ने जैन ग्रंथ की पूजा-अर्चना की। चातुर्मास में एकासन, उपवास, बेले, तेले, पचोले आदि के प्रत्याख्यान श्रावक-श्राविकाएं प्रतिदिन ले रहे हैं और तपस्याओं की लड़ी लगी हुई है।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के तहत रविवार को आयड़ तीर्थ पर जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में साध्वी जयदर्शिता आदि ठाणा की निश्रा में मूलनायक भगवान सहित सभी प्रतिमाओं पर अठारह अभिषेक का आयोजन किया गया। जिसमें आदेश्वर भगवान का अभिषेक सुरेश पुष्पा कोठारी, शान्तिनाथ भगवान का अभिषेक विमला कैलाश मुर्डीया, महावीर स्वामी भगवान का अभिषेक अभय सरोज नलवाया, वासुपूज्य भगवान का अभिषेक प्रद्योत वनमाला महात्मा, शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान का अभिषेक रमेश चन्दा मारू, नेमीनाथ भगवान की देहरी का अभिषेक पुष्पा पारस पोखरना, वर्धमान स्वामी भगवान की देहरी का अभिषेक सुमन दोषी परिवार, महावीर स्वामी मन्दिर मे देहरी (शान्तिनाथ भगवान) का अभिषेक अनुसुया जैन, शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान की देहरी का अभिषेक परिधि नरेन्द्र मेहता, सुपाश्र्वनाथ भगवान की देहरी का अभिषेक मंजुला कोठारी, अजितनाथ भगवान की देहरी का अभिषेक चन्द्रकांता भोपालसिंह नाहर, अन्तरिक्ष पाश्र्वनाथ भगवान का अभिषेक मुकेश राकेश, जीरावला पाश्र्वनाथ भगवान का अभिषेक मेघा - मंजुला कोठारी, नाकोडा पाश्र्वनाथ भगवान का अभिषेक पारस देवी शालु मेहता, मणिभद्रजी, अम्बिका माता का अभिषेक दिनेश मंजुला भंडारी, नाकोडा भैरवजी व पद्मावतीजी का अभिषेक सुनीता, गौरव जैन, नागबावजी व जगचन्द्रसुरीजी का अभिषेक संघवी अर्जुनलाल ट्रस्ट, पुण्डरिक स्वामी, गौतम स्वामी, प्रेमसूरीजी का अभिषेक संघवी अर्जुनलाल ट्रस्ट, सिद्धचक्र व आदेश्वर भगवान का अभिषेक चन्दा रमेश मारू ने किया। नाहर ने बताया कि सोमवार 15 सितम्बर को शांति स्नात्र महोत्सव का आयोजन होगा। शांति स्नात्र में 10 दिगपाल, 9 नवग्रह एवं पाटला पूजन, कुंभ स्थापना का आयोजन होगा।
रविवार को आयड़ तीर्थ पर धर्मसभा में साध्वी जयदर्शिता श्रीजी ने कहा कि धर्म को छोड़ दिया और धन कमा लिया तो ऐसा धन क्या काम आएगा, वो या तो कहीं चला जाएगा अथवा पड़ोसियों से झगड़े होंगे या अस्पताल में चला जाएगा। इधर मेहनत और ईमानदारी से पैसा कमाएंगे तो पुण्य का उदय होगा और जहां पुण्य होगा तो लक्ष्मी और समृद्धि अपने आप आएगी। इन्द्रियां आपकी सक्षम होगी और शांति और सुख की प्राप्ति होगी। कंजूस हर युग में रहे है और अच्छाई और बुराई साथ-साथ चलती है। जो मन और कर्म से श्रेष्ठ हो वो सेठ है। हम सभी आनंद चाहते हैं लेकिन आनंद के लिए हम क्या कर रहे हैं, तप कर रहे हैं, सामायिक कर रहे हैं, सेवा कर रहे हैं। सार्थक परिणाम के लिए जिनवाणी का श्रवण कीजिए। विधर्मियों को जिनवाणी पसंद नहीं आती क्योंकि चोर हो या उल्लू इनको अंधेरे से दोस्ती अच्छी लगती है। जिनवाणी अंधकार से प्रकाश की ओर लाने का काम करती है।
इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, संजय खाब्या, भोपाल सिंह परमार, सतीश कच्छारा, चतर सिंह पामेचा, राजेन्द्र जवेरिया, अंकुर मुर्डिया, पिन्टू चौधरी, हर्ष खाब्या, गजेन्द्र खाब्या, नरेन्द्र सिरोया, राजू पंजाबी, रमेश मारू, सुनील पारख, पारस पोखरना, राजेन्द्र जवेरिया, प्रकाश नागौरी, दिनेश बापना, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, गोवर्धन सिंह बोल्या, दिनेश भंडारी, रविन्द्र बापना, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता आदि मौजूद रहे।
