अमृता हाट मेले में विदेशी पर्यटकों ने लगाए ठुमके, 8.48 लाख की बिक्री

उदयपुर, । अमृता हाट मेला के अंतर्गत आयोजित अमृता प्रीमियम लीग में चौथे दिन उत्साह, खेल भावना और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले में पहुंचे विदेशी पर्यटक राजस्थान के प्रसिद्ध कालबेलिया, घूमर नृत्य की धुनों पर ठुमके लगाते नजर आए, जिससे वातावरण पूरी तरह लोक रंग में रंग गया।
खेल प्रतियोगिताओं में महिलाओं और बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया। चम्मच रेस प्रतियोगिता में यामा कंवर प्रथम हेमलता त्रिवेदी द्वितीय एवं गीता कुमारी तृतीय स्थान पर रही। कुर्सी रेस प्रतियोगिता में जय श्री राजपुरोहित प्रथम, काजल जाजवा द्वितीय एवं सीमा देवासी तृतीय स्थान पर रही।
इसी प्रकार 100 मीटर दौड़ (बालिका वर्ग) में यामा प्रथम, चित्रा द्वितीय एवं वीजा ने तृतीय स्थान एवं 100 मीटर दौड़ (महिला वर्ग) गीता गरासीया प्रथम, विमला देवी द्वितीय गमेती ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी एवं कोच कृष्णा के करकमलों से प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और बढ़ गया।
कार्यक्रम के उपनिदेशक संजय जोशी ने बताया कि अमृता हाट मेले में अब तक कुल 8.48 लाख की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने इसे महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास और स्थानीय उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण बताया। मेले में दर्शक विभिन्न हस्त निर्मित उत्पादों के बारे में उत्सुकता से जानकारी ले रहे हैं एवं समूह की महिलाओं को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से भरपूर खरीदारी भी कर रहे हैं। संभाग स्तरीय अमृता हॉट का आयोजन प्रतिवर्ष महिला अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कराया जाता है। मेले का प्रमुख उद्देश्य स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को उद्यमी बनने हेतु अपेक्षित सहायता करना है। प्रमुख उत्पादों में लकड़ी के खिलौने, कोटा डोरिया की साड़ियां, जुट बैग्स, पापड़, राजसमंद का प्रसिद्ध गुलाब शरबत एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद भी प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। मेले में देसी स्वाद का तड़का नाम की स्टॉल भी दर्षकों को आकर्षित कर रही है, जिसमें विभिन्न व्यंजनों का लुत्फ दर्षकों द्वारा उठाया जा रहा है।
मंच संचालन करते हुए सुपरवाइजर कृष्णा लोहार ने जानकारी दी कि आगामी दिवस “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। साथ ही मेले की पूर्व संध्या पर कमलेश बामणिया द्वारा कठपुतली नृत्य का शानदार प्रदर्शन किया। जिसे देखकर दर्शन भरपूर रोमांचित हो उठे। कठपुतली नृत्य के माध्यम से लिंगानुपात, महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी संदेश मेलार्थियों को दिया गया।
