कचरा फैलाने पर लगेगी 50 हजार तक पेनल्टी, निगम ने जारी की जुर्माना लिस्ट

उदयपुर। उदयपुर को दुनिया के सबसे सुंदर शहरों में गिना जाता है, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही इसकी खूबसूरती पर दाग लगा रही है। अब ऐसे लोगों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने आदेश जारी कर दिया है कि सड़क पर गंदगी फैलाने या कचरा डालने वालों को अब भारी जुर्माना भरना होगा।
2016 के नियम अब होंगे सख्ती से लागू
दरअसल, भारत सरकार ने वर्ष 2016 में ही कचरा प्रबंधन से जुड़े नियम बना दिए थे, लेकिन अब तक उनका असर जमीन पर कम दिखाई दे रहा था। निगम आयुक्त के अनुसार अब शहर का हर नागरिक, दुकानदार और संस्थान अपने कचरे के लिए खुद जिम्मेदार होगा। घर या दुकान के बाहर गंदगी फैलाने पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कचरा प्रबंधन के नियम क्या कहते हैं
निगम ने साफ किया है कि गीला कचरा जैसे फल-सब्जी के छिलके और बचा हुआ भोजन अलग ढक्कनदार ड्रम में रखना होगा। सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, गत्ता, बोतलें और पैकिंग मटेरियल अलग बैग में भरकर निगम को देना होगा।
बड़े संस्थानों जैसे होटल, मॉल या ऐसे आयोजन स्थल जहां 100 किलो से ज्यादा कचरा निकलता है, उन्हें अपने परिसर में ही खाद बनाने की व्यवस्था करनी होगी।
सड़कों पर गंदगी फैलाई तो देना होगा हर्जाना
नगर निगम ने जुर्माने की जो सूची जारी की है, उसमें आम आदमी से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी को शामिल किया गया है।
आम नागरिकों पर सड़क पर कचरा फेंकने पर 100 रुपये और घर में कचरा अलग न करने पर 200 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा।
दुकानदार और ठेले वालों पर दुकान के बाहर कचरा डालने पर 1000 रुपये, जबकि फल-सब्जी ठेले वालों पर 100 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
होटल और रेस्टोरेंट में गंदगी मिलने पर 2000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
अस्पतालों की गंदगी, सीवरेज या निर्माण का मलबा सड़क पर डालने पर 500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
खुले में शौच करने पर 500 रुपये, सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर 200 रुपये और सड़क पर गोबर डालने पर 5000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
प्लास्टिक इस्तेमाल किया तो जेल भी हो सकती है
निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने चेतावनी दी है कि सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे थैलियां, डिस्पोजल कप और प्लेट का इस्तेमाल करने वालों पर केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी। प्रतिबंधित प्लास्टिक मिलने पर 5 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उदयपुर को नंबर-1 बनाने की अपील
आयुक्त अभिषेक खन्ना ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि उदयपुर को स्वास्थ्य रैंकिंग में नंबर-1 पर ले जाना निगम का लक्ष्य है। यह शहर विश्व पटल पर अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसे साफ रखना सिर्फ नगर निगम की नहीं, बल्कि हर उदयपुरवासी की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन न केवल शहर को गंदा करता है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध भी है।
