उदयपुर में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान, परिवार को गांव से किया बेदखल

उदयपुर में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान, परिवार को गांव से किया बेदखल
X


उदयपुर जिले की ओगणा पंचायत समिति के वीरपुरा गांव में खाप पंचायत के एक फैसले ने सनसनी फैला दी है। यहां एक परिवार को पंचायत के आदेश पर गांव से बेदखल कर दिया गया। इतना ही नहीं, पंचायत ने परिवार से बातचीत करने या उनके किराना स्टोर से सामान लेने वालों पर भी आर्थिक दंड तय कर दिया।

पंचायत के फैसले के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पीड़ित परिवार के किसी सदस्य से बातचीत करता है या उनके किराना स्टोर से सामान खरीदता है तो उस पर 5100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं परिवार को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह का सहयोग करने पर 11000 रुपये का दंड तय किया गया है।

पीड़ित रतनलाल पटेल ने इस मामले में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपनी पीड़ा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रतनलाल का कहना है कि वे दिनेश जैन के अधीन एक बाउंड्रीवॉल का काम कर रहे थे। इसी काम को लेकर कुछ ग्रामीणों ने अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया।

रतनलाल ने विरोध के बाद काम रोक दिया, लेकिन इसके बावजूद खाप पंचायत ने उनके खिलाफ हुक्का पानी बंद करने और आर्थिक जुर्माना लगाने का फैसला सुना दिया। पंचायत के इस निर्णय के बाद पूरा परिवार सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहा है।

इस मामले में 26 दिसंबर को एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। रतनलाल का आरोप है कि उन्हें, उनकी पत्नी और बेटे को लगातार धमकियां मिल रही हैं। डर के कारण पूरा परिवार घर से बाहर निकलने में भी असमर्थ है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जल्द न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है, जबकि गांव में खाप पंचायत के इस फैसले को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

Next Story