महासाध्वी संयमप्रभा म.सा. के सानिध्य में गोड़ादरा श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजन

सूरत,। श्रमण संघीय आचार्य सम्राट डॉ. शिवमु म.सा. के 84वें प्रकाशोत्सव (जन्मोत्सव) के उपलक्ष्य में राजस्थान प्रवर्तिनी साध्वी शिरोमणी परम पूज्या सद्गुरूवर्या यशकंवर म.सा.,आध्यात्म साधिका समतामूर्ति परम पूज्या सद्गुरूवर्या सिद्धकंवरजी म.सा. की सुशिष्या संयम साधिका संयम प्रभाजी म.सा., मधुर व्याख्यानी शशिप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में मंगलवार को वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ गोड़ादरा के तत्वावधान में महावीर भवन में ध्यान साधना शिविर का आयोजन किया गया। इसके तहत श्रावक श्राविकाओं ने आचार्य के लाइव ध्यान शिविर जुड़कर ध्यान साधना की। ध्यान साधना शिविर में जैसे ही लाइव आचार्य शिवमुनिजी की धीर गंभीर वाणी गूंजने लगी साध्वी मण्डल के साथ सभी श्रावक श्राविकाएं आंखे बंद कर ध्यान साधना में रत हो गए। इस दौरान आचार्य ने फरमाया कि हमे मौन रहकर अपनी आत्मा के स्वरूप को जानना समझना है। जो अपनी आत्मा के स्वरूप को पहचान जाता है वह परमात्मा बन सकता है। किसी भी गति का प्राणी हो आत्मा सबकी एक समान है। ध्यान साधना के दौरान पूरा वातावरण असीम शांति से परिपूर्ण हो गया ओर पॉजिटिव एनर्जी की अनुभूति हुई। ध्यान साधना शिविर में भाग लेने वालों के लिए भोजन की व्यवस्था गोड़ादरा संघ द्वारा की गई थी। चातुर्मास में स्वाध्यायशीला साध्वी किरण म.सा. का भी सानिध्य प्राप्त हो रहा है। महासाध्वी मण्डल के सानिध्य में गुरू वेणी अंबेश दरबार में जिनवाणी के साथ निरन्तर तप त्याग व धर्म ध्यान की गंगा प्रवाहित हो रही है। ध्यान साधना शिविर में 15 उपवास के प्रत्याख्यान हुए तो तपस्वी की अनुमोदना में हर्ष-हर्ष के जयकारे गूंजे। साध्वी मण्डल ने तपस्वी बहन के प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त की। एकासन,आयम्बिल व उपवास की लड़ी निरन्तर चल रही है। धर्मसभा में उधना से पधारे बहु मण्डल सहित विभिन्न स्थानों से पधारे अतिथियों का स्वागत बहुमान गोड़ादरा संघ द्वारा किया गया। लक्की ड्रॉ एवं प्रश्नोत्तर के लाभार्थी गोड़ादरा संघ रहा। प्रभावना का लाभार्थी विजयसिंह सुरेशकुमार चौधरी परिवार पहुंना वाले रहा। संचालन संघ के उपाध्यक्ष गौतमकुमार संचेती ने किया। गोड़ादरा संघ सोमवार को सभी संस्थाओं के साथ में सूरत के विभिन्न क्षेत्रों में चातुर्मासरत संत साध्वी मण्डल के पास गुरू दर्शन एवं क्षमायाचना के लिए पहुंचा। इस दौरान अवध संगरीला आचार्य भगवन शिवमुनिजी म.सा., कामरेज में पूज्य गौतममुनिजी म.सा., विनयमुनिजी म.सा., अंकलेश्वर में साध्वी चेतना म.सा. आदि ठाणा के दर्शन, प्रवचन, सेवा एवं मांगलिक का लाभ लिया।

Next Story