डॉ. अनुष्का विधि महाविद्यालय में हुआ मूट कोर्ट का आयोजन

डॉ. अनुष्का विधि महाविद्यालय में हुआ मूट कोर्ट का आयोजन
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उदयपुर,। डॉ. अनुष्का विधि महाविद्यालय में शनिवार को विधि एलएल.बी. तृतीय वर्ष के विधार्थियो द्वारा दहेज़ हत्या के मामले में मूट कोर्ट का को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुलदीप शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुष्का मेमोरियल एजुकेशनल सोसायटी की अध्यक्षा कमला सुराणा एवं सचिव राजीव सुराणा रहे। अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. एस. एस. सुराणा ने की।

महाविद्यालय के निदेशक डॉ. सुराणा ने बताया की मूट कोर्ट विधि के अध्ययन का महत्वपूर्ण भाग है, जिसका संचालन विद्यार्थियों द्वारा किया जाता है ताकि विद्यार्थियों को न्यायालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जा सके। विधि विषय में प्रायोगिकता का होना अति आवश्यक है और यही मूट कोर्ट के माध्यम से कराया जाता है । मूट कोर्ट राज्य बनाम मनोज कुमार एवं अन्य नामक काल्पनिक वाद पर आधारित था । भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 80, 238 सपठित धारा 3 की उपधारा 5 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट, पुलिस थाना, उदयपुर में दर्ज कर अनुसंधान अधिकारी द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिसे सेशन न्यायालय में विचारण हेतु अंतरित किया गया । अभियुक्त की ओर से कुमारी वर्षा डांगी एवं अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक के रूप में अश्विन कोठारी ने पैरवी की । अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह की भूमिका भेरू लाल ,खेमराज मेघवाल, गोपाल सिंह, सीना डांगी, दीपांशु वया एवं धनञ्जय त्रिपाठी ने एवं अभियुक्त की और से बचाव में राजेश्वरी श्रीमाली ने अदा की। अभियुक्त की भूमिका संजय डांगी, कुमारी उषा जैन एवं मिर्जा महमूद बेग ने अदा की हलकारे की भूमिका में सूरजमल मीणा रहे। पुरुष कांस्टेबल नरेश मेघवाल एवं महिला कांस्टेबल भंवरी तथा अनुसन्धान अधिकारी के रूप में धनञ्जय त्रिपाठी ने भूमिका निभाई न्यायालय द्वारा मामले में दो अवधार्य प्रश्न बनाये गए अवधार्य प्रश्न संख्या 1 को अभियोजन पक्ष संदेह से परे साबित करने में असफल रहा । जिसका लाभ अभियुक्तगण को मिला एवं न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण को बाइज्जत बरी किया गया। मूट कोर्ट में नीता सोमपुरा ने बतौर सेशन न्यायाधीश के इस मामले में अपना निर्णय सुनाया तथा अभियुक्तगण को बाइज्जत बरी करने का आदेश दिया । कार्यक्रम का संचालन मयूरी लोहार ने किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक डॉ. एस. एस. सुराणा ने मूट कोर्ट की महत्ता बताते हुए समस्त प्रतिभागियों द्वारा निभाई गई भूमिका की प्रशंसा की तत्पश्चात संस्थान के सचिव राजीव सुराणा ने भी समस्त प्रतिभागियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी। तत्पश्चात उपाचार्य डॉ. मोहम्मद हारून छीपा ने कहा कि मूट कोर्ट की प्रक्रिया में भाग लेने से विद्यार्थियों में बोलने की तथा परिस्थितियों के अनुसार तुरंत निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। चूंकि एलएल.बी. तृतीय वर्ष के छात्र कुछ समय बाद ही बतौर वकील न्यायालय में अपनी उपस्थिति देंगे इसलिए इन विद्यार्थियों के लिए मूट कोर्ट एक बेहतरीन मंच साबित होता है। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के सचिव राजीव सुराणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ. रंजना सुराणा, डॉ. श्याम सिंह, डॉ. स्मिथ व्यास, डॉ. कृति व्यास, प्रज्ञा खजांची एवं मनोहर खजांची उपस्थित रहे ।

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