महर्षि वाल्मीकि जयंती पर होगा “समरसता का प्रकाश” नाट्य मंचन एवं युवा प्रतिभा सम्मान

उदयपुर, । अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, उदयपुर इकाई (चित्तौड़ प्रांत) की ओर से महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह का आयोजन शनिवार अक्टूबर को गुलाब बाग स्थित नौलखा महल में किया जाएगा।
परिषद की अध्यक्ष आशा पाण्डेय ओझा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 3:30 बजे हवन एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ होगा, जिसके पश्चात “ज्ञान और संस्कार” विषय पर चिंतन एवं चर्चा सत्र आयोजित किया जाएगा। दयानंद सत्यार्थ प्रकाश न्यास के अध्यक्ष अशोक आर्य कार्यक्रम के मुख्य वक्ता होंगे। इस अवसर पर सर्व संप्रदाय संत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष महंत इंद्रदेवदास का पावन सानिध्य प्राप्त होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मनीष माली, विनोद कुमार राठौड़ तथा कृष्णा कुमारी पानरवा कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
परिषद के संयुक्त मंत्री डॉ. मनीष सक्सेना ने बताया कि इस अवसर पर मौलिक ग्रुप द्वारा सामाजिक समरसता पर आधारित नाट्य मंचन “समरसता का प्रकाश” प्रस्तुत किया जाएगा। इसी क्रम में परिषद की ओर से शहर की 15 युवा प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
परिषद के कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता ‘देवेश’ ने कहा कि “परिषद निरंतर सामाजिक समरसता और ज्ञान-संवर्धन की दिशा में कार्य कर रही है। आगामी समय में नवपीढ़ी के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास हेतु अनेक आयोजन प्रस्तावित हैं, ताकि प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन सतत् रूप से होता रहे।”
अध्यक्ष आशा पाण्डेय ओझा ने बताया कि “महर्षि वाल्मीकि जयंती का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक सामाजिक जागरण का संदेश है — समाज में समानता, सहयोग और संस्कार के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का प्रयास।” उन्होने सभी नागरिकों, साहित्यकारों एवं विद्यार्थियों से कार्यक्रम में सपरिवार उपस्थित होकर महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों एवं समरसता के संदेश को आत्मसात करने का आग्रह किया है।
