पशु क्रूरता निवारण पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

उदयपुर। पशु कल्याण माह (14 जनवरी से 13 फरवरी) के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थान में पशु कल्याण और पशु क्रूरता निवारण विषय पर एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेंद्र छंगाणी ने बताया कि पशुपालन डिप्लोमा के छात्रों ने अपने चित्रों के माध्यम से पशुओं के प्रति दया, करुणा और प्रेम की भावना जगाने का प्रयास किया और आम जनता को यह संदेश दिया कि पशु क्रूरता एक दंडनीय अपराध है।

प्रारंभ में, डॉ. छंगाणी ने पशु क्रूरता की श्रेणी में आने वाले सभी विषयों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। जानवरों का शोषण करना, उनकी क्षमता से अधिक भार ढोना, उन्हें अनावश्यक रूप से पीटना, उन्हें छोटी रस्सियों से बांधकर रखना आदि पशु क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। काम के लिए घायल या बीमार जानवरों का उपयोग करना भी दंडनीय अपराध है।

डॉ. पद्मा मील ने कहा कि हम पशु क्रूरता की रोकथाम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति द्वारा पशुओं को दिए गए अधिकारों की रक्षा करना हमारा दायित्व है।

इस अवसर पर डॉ. ओमप्रकाश साहू ने कहा कि चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें इंद्रपाल जाट ने प्रथम स्थान, संतोष गोस्वामी ने द्वितीय स्थान और तनुज शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

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